अनियमित जीवन शैली से हृदय रोग के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि मंडल के सबसे बड़े अस्पताल एसआरएन में ही सितंबर और अक्तूबर में अब तक 1200 के करीब दिल के मरीज पहुंच चुके हैं। इनमें में 92 लोगों की मृत्यु हो गई। मरीजों में करीब 30 फीसदी युवा हैं। हृदय रोग अब लगभग हर आयु वर्ग के लोगों को हो रहा है। दिल की बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग ही नहीं युवा भी हैं। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विभाग की बात करें तो पिछले करीब दो महीने के अंदर अस्पताल में 1200 लोग हृदय रोग से पीड़ित होकर पहुंच चुके हैं।
अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सचदेवा के मुताबिक इनमें से 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 50 फीसदी है। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि 30 फीसदी ऐसे मरीज भी रहे, जिनकी उम्र 35 साल से कम थी।