अब जिला पंचायत के भी अपने रेस्टोरेंट और शादी घर होंगे। इतना ही नहीं पंचायत के अंतर्गत हाईवे की तर्ज पर सड़कें भी बनाई जाएंगी। जिला पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत इन कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। बैठक में कुल 1.94 अरब रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया। इनसे सामुदायिक शौचालय, सड़कों, तालाब आदि का निर्माण होगा।
15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायतों के अधिकार एवं कार्यक्षेत्र में विस्तार किया गया है। हाईवे के किनारे जिला पंचायत की जमीन पर, पेट्रोल पंपों के पास रेस्टोरेंट बनाए जाने का अधिकार दिया गया है। पंचायतों के काम में शादी घर, लंबी सडक़ें, सामुदायिक शौचालय का निर्माण आदि भी शामिल किए गए हैं। इसी के तहत पहली बैठक हुई। अध्यक्ष रेखा सिंह ने बताया कि रेस्टोरेंट, शादी घर आदि के लिए स्थान चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया। रेस्टोरेंट तथा शादी घर संचालन के लिए किराए पर दिए जाएंगे।
बैठक में पंचायत में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव पारित हुआ। कोविड-19 से बचाव के लिए पंचायत की ओर से 51 लाख रुपये जारी किए गए थे। बैठक में इसे भी मंजूरी दी गई। बैठक में एक दर्जन अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। बैठक में विधायक हाकिम लाल बिंद, मुजतवा सिद्दीकी, अशोक कुमार सिंह, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, उदय पटेल, सावित्री, गुडिय़ा, विजय राज सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह, एएमए विरेंद्र सिंह, डीपीओ मनोज राव आदि मौजूद रहे।
अनुपस्थित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
जिला पंचायत की बैठक में बिजली कटौती तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों एवं कोटे की दुकानों पर धांधली का मुद्दा छाया रहा लेकिन संबंधित विभाग के अफसर मौजूद नहीं रहे। ऐसे में डिप्टी आरएमओ तथा बिजली विभाग के अफसर के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में अनुपस्थित अन्य अफसरों के लिए भी निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इनके खिलाफ भी शासन को लिखा जाएगा।