स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ सिस्टम को रेलवे प्रशासन ने हादसे से बचाने के विकसित किया है। अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा विकसित किया गया है। आपातकालीन स्थिति में लोको पायलट की लापरवाही या ब्रेक लगाने में विफल होने पर कवच अपने आप सक्रिय हो जाता है और चलती ट्रेन में ब्रेक लगाकर हादसे के खतरे को टाल देता है। पहले एनसीआर जोन को कवच के 3.2 वर्जन से लैस किया जाना था लेकिन अब एडवांस वर्जन 4.0 से लैस किया जाएगा।
कवच 4.0 में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए हैं। इसके माध्यम से बेहद खराब मौसम में भी सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित होगा। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि कवच 4.0 पर काम चल रहा है। वाराणसी से प्रयागराज होकर दिल्ली जाने वाली दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस को इससे लैस किया जाएगा।
झांसी एवं आगरा के ध्यानार्थ - ट्रेनों में वसूली करने वाली 20 किन्नर भेजे गए जेल
ट्रेनों में यात्रियों से वसूली करने वाले किन्नरों के खिलाफ रेल सुरक्षा बल ने कार्रवाई की है। उत्तर मध्य रेलवे जोन में चलने वाली ट्रेनों के यात्रियों की शिकायत पर आरपीएफ ने कार्रवाई की। आरपीएफ ने प्रयागराज, झांसी एवं आगरा मंडल में 19 अगस्त से दो सितंबर तक अभियान चलाकर 59 किन्नरों को पकड़ा। इसमें से 20 को जेल भेज दिया गया, जबकि 6900 रुपये का जुर्माना वसूला गया। बता दें प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त एनसीआर अमिय नंदन सिन्हा के निर्देश पर ही आरपीएफ ने यात्रियों से जबरन वसूली करने वाले किन्नरों को पकड़ा।