कोरोना काल में प्रयागराज में एक ऐसा डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया है, जहां घर बैठे आप देश ही नहीं, दुनिया भर में जहां भी दुर्गा पूजाएं हो रही हैं, वहां के दर्शन कर सकते हैं। इस डिजिटल दुर्गा पूजा में शारदीय नवरात्र के पूजा महोत्सव की पूरी झलक मिलेगी। देश-विदेश के सभी प्रमुख पूजा पंडालों में स्थापित देवी दुर्गा का डिजिटल माध्यम से दर्शन कराया जाएगा। जीने, रहने के अंदाज ही नहीं अब उत्सवों, पर्वों को मनाने के तरीके भी बदलने लगे हैं।
अनलॉक -5 में दुर्गा पूजा के लिए प्रतीकात्मक स्वरूप में छोटी प्रतिमाओं के पूजन के साथ ही पंडालों में श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसे देखते हुए प्रयागराज में दुर्गा पूजा के लिए डिजिटल प्लेटफार्म तैयार कया गया है। इस डिजिटल दुर्गा पूजा केजरिए विश्व भर की पूजा समितियों के पंडालों और प्रतिमाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है।
इसके लिए डिजिटल दुर्गापूजा.कॉम पर डिजिटल डायरेक्टरी बनाई गई है। इसके माध्यम से श्रद्धालु अब अपने मुहल्ले से लेकर शहर, जिले , प्रदेश और देश ही नहीं दुनिया में कहीं भी होने वाली दुर्गा पूजा को ऑनलाइन देख सकते है। इस डिजिटल प्लेटफार्म का संचालन करने वाले श्यामल रॉय बताते हैं कि कोरोना काल में इस नई पहल के जरिए घर बैठे भक्तों को दुर्गा पूजाओं के लाइव दर्शन कराने में मदद मिलेगी।
इस प्लेटफार्म पर मीरापुर बारवारी दुर्गा पूजा समिति की पूजा भी दिखेगी और पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मुंबई, यूपी, उड़ीसा, झारखंड, पंजाब, कर्नाटन, तेलंगाना की भी दुर्गा प्रतिमाओं और पंडालों के दर्शन होंगे। इसके अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, जापान में भी प्रवासी भारतीयों की ओर से मनाई जाने वाली दुर्गा पूजाओं के बारे में भी जानकारी मिलेगी। इस डिजिटल नेटवर्क की संचालिका शिल्पी बताती हैं कि कोरोना संक्रमण से प्रभावित दौर में साइबर स्पेस में दुर्गा पूजा के ऑनलाइन दर्शन की इस पहल से लोगों को उत्सवों से जुड़ने में मदद मिल सकेगी।
डिजिटल दुर्गा पूजा में खास
डिजिटल दुर्गा पूजा में आपको एक साथ कई जानकारियां हासिल होंगी। नई पीढ़ी को दुर्गा पूजाओं के इतिहास की जानकारी तो मिलेगी ही, मान्यताओं, पूजा पद्धति व विधि-विधान से भी परिचित कराया जाएगा। इसके अलावा दशभुजा के अस्त्र, बारवारी पूजा की परिकल्पना, अकाल-बोधन पूजा, अंग्रेजों के जमाने की कंपनी पूजा, चक्षु दान, खूंटी पूजा, कुंवारी कन्या पूजा, कोला बोऊ स्नान समेत अन्य धार्मिक मान्यताओं की जानकारी भी मिल सकेगी।