Prayagraj News : इफको फूलपुर में नैनो यूरिया की बोतल दिखाते प्रबंध निदेशक व इफको अधिकारीगण।
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नैनो यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में मिली सफलता के बाद इफको अब नैनो तरल डीएपी का उत्पादन करने की ओर कदम बढ़ाए है। इसका पहला प्लांट इफको कलोल इकाई में स्थापित हो रहा है। जहां से साल भर में डीएपी नैनो तरल का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होने के साथ ही अब सरकार को इसके लिए सब्सिडी भी नहीं देनी होगी। उक्त बातें शुक्रवार को इफको फूलपुर परिसर स्थित कारडेट चौपाल में प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने कही।
प्रबंध निदेश ने नैनो फर्टिलाइजर की उपयोगिता एवं इसके महत्व पर चर्चा की। कहा कि यह कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति है। बताया कि एक बोरी डीएपी के बराबर 500 मिलीलीटर की बोतल नैनो डीएपी किसानों को मात्र 650 रुपये में मिलेगी। नैनो यूरिया पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इफको में लग रहे नैनो संयंत्र से नैनो यूरिया का उत्पादन ठीक एक वर्ष बाद शुरु हो जाएगा।
फूलपुर में प्रतिदिन दो लाख बोतल नैनो यूरिया के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मौके पर कार्यकारी निदेशक संजय कुदेशिया, उप महाप्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन दानवीर सिंह, पंकज पांडे, विनय यादव, संजय कुमार मिश्र, स्वयं प्रकाश, गिरधर मिश्र, एमडी मिश्रा, संजय बायस, संतोष कुमार सिंह, एसके शुक्ला, संजय भंडारी, मुख्य प्रबंधक कारडेट राजेंद्र यादव, प्रधानाचार्य डीपीएस तोमर आदि मौजूद रहे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।