स्मार्ट सिटी के तहत चोला बदल रहे शहर में अब आधुनिक तरीकों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी। हार्ट अटैक पड़ने या फिर ब्रेन स्ट्रोक होने पर मरीजों का उपचार शहर के सभी नहीं बल्कि चिन्हित अस्पतालों में होगा। शनिवार को नर्सिंग होम्स एसोसिएशन की मंडलायुक्त के साथ हुई बैठक में रात्रि में एमबीबीएस डॉक्टरों की मौजूदगी, ऑपरेशन की सीडी परिजनों को दिए जाने, जांच सहित मरीजों से अलग-अलग चीजों के लिए वसूली जाने वाली फीस का डिस्प्ले जैसे दर्जन भर मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं विवादित मामलों को सुलझाने के लिए इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ.शार्दूल सिंह की अध्यक्षता में कमेटी भी बनाई गई।
मंडलायुक्त ने डॉक्टर्स फीस, ऑपरेशन फीस, बेड चार्ज, एनेस्थीसिया, सर्जरी, रेडियोलॉजी, पैथालॉजी का रेटलिस्ट चस्पा किए जाने का निर्देश दिया। कई चिकित्सकों ने रेटलिस्ट मुद्दे पर सवाल खड़े किए तो ऐसे मामलों के समाधान के लिए कमेटी बनाने की बात कही गई। ऑपरेशन की सीडी के मुद्दे पर भी सवाल के बाद मंडलायुक्त ने सीएमओ डॉ.पद्माकर सिंह को मानक तय करने का निर्देश दिया। मॉनकों के अनुरूप आईसीयू रखने, बीएसटी पर मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की जानकारी देने को भी कहा गया। रात्रि में नर्सिंग होम्स में एमबीबीएस डॉक्टर्स की तैनाती के सवाल पर मंडलायुक्त ने ऐेसे अस्पताल चिन्हित करने को कहा, जहां एमबीबीएस डॉक्टर्स रात में ड्यूटी पर हों और वहीं पर ब्रेन स्ट्रोक तथा हार्ट अटैक के मरीज रेफर करने को कहा गया। लॉ ऐंड आर्डर की जिम्मेदारी एसपी सिटी को दी गई। एडीए सचिव अमरनाथ उपाध्याय ने आवासीय इलाकों में बड़ी संख्या में चल रहे ऐसे अस्पतालों का उल्लेख किया जिनका नक्शा पास नहीं है। बैठक में डीआईजी भगवान स्वरूप, एसपी सिटी राजेश यादव, अपर नगर आयुक्त वंदना त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, एसीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय आदि मौजूद रहे।
मंडलायुक्त की बैठक में एसपी सिटी राजेश यादव को यह भी निर्देशित किया गया कि फायर ब्रिग्रेड की ओर से जारी सर्टिफिकेट पर ही अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कर दिया जाए।
0 मंडलायुक्त ने अस्पतालों को पार्किंग की जगह को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया अन्यथा अस्पताल को सील कर दिया जाएगा। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे अस्पताल हैं जहां पार्किंग की जगह का इस्तेमाल अस्पताल के रूप में हो रहा है।