बीईओ को पदोन्नति से प्रधानाचार्य बनाने लिए शासन में कई दाैर की बैठक हुई। इसके बाद पदोन्नति के लिए कोटा में बदलाव कर दिया गया है। अब 33 प्रतिशत पुरुष, 33 प्रतिशत महिला प्रवक्ता और 34 प्रतिशत बीईओ पदोन्नत होकर प्रधानाचार्य बन सकेंगे। अपर निदेशक राजकीय अजय द्विवेदी ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में महिला प्रवक्ताओं की संख्या बढ़ी है, इसलिए उनका कोटा 22 से 33 प्रतिशत कर दिया गया है। बीईओ की भी संख्या बढ़ी है, इसलिए उनका कोटा डीआई के स्थान पर 17 से बढ़ाकर 34 फीसदी कर दिया गया है। पुरुष प्रवक्ताओं की संख्या कम होने पर उनका कोटा घटाया गया है। उन्होंने बताया कि इसे स्वीकृति के लिए यूपीपीएससी भेजा गया है।
शुरू हो गया नियमावली का विरोध
प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए बनाई गई नियमावली का विरोध शुरू हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय ने बताया कि एसडीआई से डीआई बनने के बाद प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति मिलती थी, वह भी 17 प्रतिशत, अब सीधे बीईओ को इस पद पर पदोन्नति देना गलत है।
बीईओ का ग्रेड पे-4800 का होता है। यह प्रवक्ता के बराबर है। प्रवक्ता से हेडमास्टर में पदोन्नति होने के बाद वह अगले चरण में वह प्रधानाचार्य बन पाते हैं, जबकि बीईओ को इसका लाभ एक ही प्रमोशन पर देने की तैयारी है। संगठन इसका विरोध करेगा। उन्होंने बताया कि बीईओ का पद निरीक्षण कैडर का है और प्रधानाचार्य शिक्षण कैडर का है। इसलिए उनका प्रमोशन इस पद पर नहीं होना चाहिए।