क्या है पूरा मामला
आरोप है कि इलाहाबाद की जिला अदालत में मुलायम सिंह बनाम तरसू लाल केस की सुनवाई चल रही थी। अधिवक्ता रणविजय सिंह भीड़ के साथ कोर्ट रूम में आए और पीठासीन अधिकारी पर अपने निजी केस की तत्काल सुनवाई का दबाव डालने लगे। इसी बीच वादकारी मोनीस परवेज व उनकी पत्नी से मारपीट की। दंपती बचाव में सिविल जज के चैंबर की ओर भागे तो वहां भी उन्हें पीटा गया। सिविल जज ने भी अपने चैंबर से निकल कर सीजेएम के चैंबर में जा अपनी जान बचाई थी।
उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि अपनी जान का खतरा बता तत्काल पुलिस बुलाई। जिला जज की रिपोर्ट का संज्ञान ले हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की। पहले दिन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिला जज से सीसीटीवी फुटेज की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में तलब की थी। साथ ही प्रथम दृष्ट्या संलिप्त पाए गए दो वकीलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की थी। अब इस मामले में दस और वकीलों के नाम सामने आने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
सीसीटीवी फुटेज में पहचाने गए दस वकील
1.सैयद आफताब अहमद
2.महताब अहमद
3. संजीव सिंह
4.रितेश श्रीवास्तव
5.रवि सोनकर
6.आदर्श शुक्ला
7.विकास सिंह
8. ऋषभ सिंह
9.सत्यवान सिंह
10. आदर्श उर्फ आंसू