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दो लाख से अधिक खाताधारकों को मिली राहत

Sun, 26 Feb 2017 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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वित्त मंत्रालय ने जिले के दो लाख से अधिक बैंक खाताधारकों को बड़ी राहत दे दी है। ये ऐसे खाताधारक हैं, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान पांच और हजार के नोट से 2.50 लाख रुपये तक जमा किए हैं। आयकर ने नोटिस जारी होने के बाद ऐसे खाताधारकों की चिंता बढ़ गई थी। अब जबकि मंत्रालय ने फैसला बदल दिया है सो इन बैंक खाताधारकों ने राहत की सांस ली है।
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नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में बड़ी मात्रा में पांच सौ और हजार के नोट में रकम जमा की गई। वैसे नोटबंदी का फैसला लागू होने के वक्त ही यह निर्णय ले लिया गया था कि ढाई लाख रुपये तक बैंक खातों में जमा करने वालों किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी लेकिन बैंकों से वार्षिक सूचना रिटर्न (एआईआर) दाखिल होने के बाद आयकर विभाग ने उसके आधार पर ढाई लाख या उससे कम रकम जमा करने वालों को भी नोटिस जारी कर दिया। इलाहाबाद में इस श्रेणी के करीब दो लाख बैंक खाताधारक हैं। यही नहीं काफी ऐसे लोगों को भी नोटिस जारी कर दिया गया जिनके बैंक खातों में 40-50 हजार या एक लाख रुपये तक भी जमा हुए हैं।

नोटिस मिलने के बाद से ऐसे बैंक खाताधारक परेशान थे और वह कर सलाहकार, कर अधिवक्ताओं के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे बैंक खाताधारकों की मुश्किलों को देखने के बाद वित्त मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय के कर सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल का कहना है कि नए आदेश के तहत ढाई लाख रुपये तक बैंकों में जमा करने वालों की किसी तरह की जांच-पड़ताल नहीं होगी। वरिष्ठ नागरिकों के मामले में यह सीमा पांच लाख रुपये तक की गई है। जिन वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 70 वर्ष है और उन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में पांच लाख रुपये जमा किए हैं तो उन्हें भी जांच-पड़ताल से अलग रखा गया है।
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जिन लोगों के बैंकों में एक से अधिक खाते हैं और नोटबंदी के दौरान सभी में रकम जमा की है, अगर वह रकम कुल मिलाकर ढाई लाख से अधिक है तो ऐसे लोगों को नोटिस का जवाब देना होगा। एआईआर की जांच में सामने आया है कि काफी लोगों के दो या उससे अधिक बैंक खाते हैं। नोटबंदी के दौरान अलग-अलग दिनों में किसी खाते में एक लाख तो किसी में दो लाख या उससे अधिक रकम की गई है। डॉ.जायसवाल का कहना है कि ऐसे लोग अगर यह सोच रहे हैं कि उनके एक बैंक खाते में तय रकम से कम है तो गलतफहमी में न रहे क्योंकि एक ही पैन पर अलग-अलग बैंकों में खोले गए खातों की जांच के बाद ही नोटिस जारी किया जा रहा है।
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