राष्ट्रपति नहीं, जज दे सकते हैं फांसी: जस्टिस शशिकांत
0 हाईकोर्ट बार ने किया नवनियुक्त जजों को सम्मानित
प्रयागराज। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा नवनियुक्त न्यायाधीशों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता ने कहा कि समाज में न्यायपालिका पर अटूट विश्वास है। यह विश्वास टूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ न्यायपालिका को फांसी देने की शक्ति है, जबकि भारत के राष्ट्रपति तक को यह शक्ति प्राप्त नहीं है। वह सजा कम कर सकते हैं, मगर फांसी नहीं दे सकते।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने सभी न्यायमूर्तिगणों का आभार जताया। कहा कि न्याय में गुणवत्ता बनाए रखना बार और बेंच दोनों की जिम्मेदारी है। इससे पूर्व नवनियुक्त न्यायमूर्तिगणों, न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित, न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव, न्यायमूर्ति रविनाथ तिलहरी, न्यायमूर्ति दीपक वर्मा, न्यायमूर्ति गौतम चौधरी, न्यायमूर्ति शमीम अहमद, न्यायमूर्ति दिनेश पाठक, न्यायमूर्ति मनीष कुमार और न्यायमूर्ति समित गोपाल का बार के पदाधिकारियोें ने स्वागत किया। समारोह का संचालन महासचिव जेबी सिंह ने किया। अतिथियों को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम् भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह के बाद एसोसिएशन कार्यकारिणी की बैठक में अधिवक्ता सनाउल्लाह की हत्या की निंदा करते हुए हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र, सभी उपाध्यक्षगण, संयुक्त सचिव प्रशासन प्रियदर्शी त्रिपाठी, संयुक्त सचिव पुस्तकालय आशुतोष पांडेय, संयुक्त सचिव प्रेस सर्वेश कुमार दुबे, संयुक्त सचिव नीलम शुक्ला, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र के अलावा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हरिसागर मिश्र, बार कार्यकारिणी की सदस्य आंचल ओझा, शिवांगी भार्गव, उर्मिला त्रिपाठी आदि उपस्थित रहीं।