एनसीआर में रविवार रात 12505 नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन बड़े हादसे का शिकार होने से बच गई। एनई के एस-9 कोच में लगी बोलिस्टर स्प्रिंग टूट गई। कैरिज/रोलिंग स्टाफ की सूचना पर प्लेटफार्म एक से रवाना ट्रेन को आउटर पर रोका गया। वहां से ट्रेन को वापस प्लेटफार्म तीन पर लाया गया। सूचना पर स्टेशन मैनेजर समेत कई विभागों के अफसर और कर्मचारी आरपीएफ के साथ आ गए। गड़बड़ी की सूचना पाकर ट्रेन सवार यात्री दहशत में आ गए। खराब कोच को अलग कर गार्ड यान के पीछे दूसरा कोच लगाकर ट्रेन को रात करीब 9.40 बजे आगे के लिए रवाना किया गया। इस बीच उमस भरी गर्मी में यात्री परेशान होकर प्लेटफार्म पर टहलते रहे।
नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस करीब नौ घंटे की देरी से जंक्शन के प्लेटफार्म पर शाम करीब 6.35 बजे पहुंची। निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। प्लेटफार्म के बाहर तैनात कैरिज/रोलिंग स्टाफ कृष्ण कुमार गुप्ता ने अपने सुपरवाइजर को बताया कि एस-9 कोच की बोलिस्टर स्प्रिंग टूटी है। यह सूचना पाते ही एसएम केएम त्रिपाठी ने कंट्रोल को सूचना देकर ट्रेन को जहां के तहां रोकने का निर्देश दिया। गार्ड पीएन लाल ने मौके पर जाकर टूटी स्प्रिंग जांची और इसे खतरा बताया। इस पर ट्रेन को प्लेटफार्म पर बैक लेने का निर्णय अफसरों ने लिया।
एनई सवार यात्री जब तक कुछ समझ पाते थोड़ी देर बाद ट्रेन को धीमी गति से बैक कर प्लेटफार्म तीन पर लाया गया। ट्रेन के रुकते ही एस-9 कोच नंबर एनएफआर 15268 के सामने आरपीएफ के साथ स्टेशन मैनेजर राजाराम राजपूत, कोचिंग डिपो समेत रेलवे के कई विभागों के अफसर और कर्मचारी जुट गए। आनन फानन में यात्रियों को कोच खाली करने को कहा गया। एक घंटे की जांच और मशक्कत के बाद बोलिस्टर स्प्रिंग टूटने से क्षतिग्रस्त बोगी को काटकर यार्ड ले जाया गया। रात करीब नौ बजे ट्रेनों की सभी बोगियों की जांच के बाद गार्ड यान के पीछे एक अतिरिक्त बोगी (एनसी 13346) लगाई गई। इस बोगी में एस-9 के यात्रियों को बैठाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन करीब तीन घंटे और लेट हो गई।