फूलपुर लोकसभा सीट के लिए रविवार को हुए मतदान के दौरान इस बार शहर उत्तरी की फिजा कुछ बदली-बदली दिखी। वोटरों के रूझान से यहां भाजपा बढ़त पर तो दिखी लेकिन कुछ मतदान केंद्रों पर उसे चुनौती भी मिलती दिखाई दी। इससे साफ है कि इकतरफा लड़ाई की जगह इस बार यहां तगड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
शहरी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में सिविल लाइंस, कैंट, जार्जटाउन, शिवकुटी, कर्नलगंज के अलावा दारागंज क्षेत्र स्थित मतदान केंद्र आते हैं। यह इलाके भाजपा का गढ़ माने जाते हैं और 2014 में यहां भाजपा प्रत्याशी अन्य प्रत्याशियों से काफी आगे रहे। वोटरों के रूझान से इस बात का इशारा मिला कि भाजपा फिर से बढ़त पर है लेकिन कुछ केंद्रों पर गठबंधन की ओर से उसे चुनौती मिलती दिखी। जिससे माना जा रहा है कि इस बार लड़ाई इतनी आसान नहीं होगी। सिविल लाइंस में जीएचएस केंद्र से वोट डालकर निकले कानपुर रोड निवासी अमित जायसवाल का कहना था कि पिछले पांच सालों में शहर का विकास हुआ है और वह आगे भी ऐसी ही सरकार चुनना चाहेंगे जो विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है।
ऐसी ही बातें इस क्षेत्र के अन्य व जार्जटाउन के सीआईसी, जेटी, गोल्डेन जुबली, मूकबधिर विद्यालय, कर्नलगंज के कटरा, डीपी गर्ल्स, बख्तियारी, शिवकुटी के महिला पॉलीटेकिभनक, मसुरियादीन मतदान केंद्र के ज्यादातर वोटरों ने बताई। हालांकि एनी बेसेंट, सलोरी के ईश्वरशरण इंटर कॉलेज, दारागंज के राधारमण कॉलेज, अलोपीबाग प्राथमिक पाठशाला व संत रविदास मतदान केंद्र के बहुत से वोटरों ने बदलाव के लिए वोट डालने की बात कही। संत रविदास मतदान केंद्र पर पहुंचे सोहबतियाबाग के रविंद्र वैश्य, विकास गुप्ता, सचिन भारतीय ने बताया कि रोजगार के मुद्दे पर हर बार झूठे आश्वासन किए गए। वोटरों के रुझान से साफ है कि भले ही विकास के मुद्दे पर भाजपा को बढ़त मिल रही हेा लेकिन लड़ाई इस बार इतनी भी आसान नहीं होगी।