उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रयागराज के बिल्डर स्काइनेट इंफ्रावेंचर प्राइवेट लिमिटेड से फ्लैट खरीदारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध न कराने पर पांच हफ्ते में जवाब तलब किया है।
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रयागराज के बिल्डर स्काइनेट इंफ्रावेंचर प्राइवेट लिमिटेड से फ्लैट खरीदारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध न कराने पर पांच हफ्ते में जवाब तलब किया है। यह आदेश रेरा अध्यक्ष संजय आर भूसरेड्डी की पीठ ने मिताली भट्टाचार्या सहित 13 अन्य फ्लैट खरीदारों की ओर से रेरा में दाखिल शिकायती अर्जियों पर दिया है। आरोप है कि बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों से करोड़ों रुपये लेने के बावजूद न तो विक्रय विलेख (सेल डीड) निष्पादित किया और न ही परियोजना में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
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शिकायतकर्ताओं के अधिवक्ता चार्ली प्रकाश ने दलील दी कि बिल्डर ने बिना कंपलीशन सर्टिफिकेट के ही फ्लैटों का कब्जा दे दिया। तय समय समाप्त होने के तीन वर्ष बाद भी लिफ्ट, सोलर हीटर, सोलर पैनल, पार्किंग, बाउंड्रीवॉल सहित कई जरूरी सुविधाएं आज तक पूरी नहीं की गई हैं। इसके बावजूद आवासियों से फ्लैट की पूरी कीमत वसूल ली गई। यह खरीदारों संग धोखा है। रेरा ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए बिल्डर को पांच सप्ताह में लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।