हिमाचल प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर साढ़े पांच रुपये रुपये सस्ता हो गया है।
अब गैस सिलेंडर के किल्लत की चिंता छोड़ सावन की रिमझिम फुहार में चाय-पकौड़ी का भरपूर लुत्फ उठाएं। गैस सिलेंडर के दिनोंदिन बढ़ते बैकलॉग से चिंतित जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद शहर में गैस लदे भारी वाहनों को नो इंट्री में छूट देने के मामले में आखिरकार एसपी ट्रैफिक निहारिका शर्मा राजी हो ही गईं। मंगलवार को एडीएम सिटी, एलपीजी फेडरेशन, ट्रांसपोर्ट यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक में एसपी ट्रैफिक ने बताया कि गैस लदे वाहनों को दिन में 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक की छूट दी जाएगी, जबकि रात 11 से सुबह 05 बजे तक भी भारी वाहन शहर में प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार और रविवार को कांवड़ियों की भीड़ देखकर ही छूट देने पर निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि श्रावण मास शुरू होते ही शहर में 20 जुलाई से रसोई गैस लदे भारी वाहनों के प्रवेश पर नो इंट्री हो गई है। इस वजह से शहर में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई। इलाहाबाद, प्रतापगढ़, भदोही, मिर्जापुर, कौशाम्बी आदि जिलों में रसोई गैस का बैकलॉग हजारों में हो गया। बैकलॉग बढ़ता देख एलपीजी फेडरेशन से जुड़े पदाधिकारियों ने एसपी ट्रैफिक से नो इंट्री में छूट देने की मांग की। कोई बात बनती न देख पूर्व सांसद शैलेंद्र और ऑल इंडिया एलपीजी फेडरेशन के सचिव केपी मिश्र ने सोमवार को डीएम संजय कुमार से मुलाकात कर रसोई गैस के बैकलॉग के बारे में जानकारी दी।
डीएम ने सोमवार को नो इंट्री में तीन घंटे छूट देने का आश्वासन किया। उनके निर्देश पर मंगलवार को एडीएम सिटी विपिन कुमार, एसपी ट्रैफिक निहारिका शर्मा, सीओ ट्रैफिक अलका भटनागर, डीएसओ केके सिंह एवं एलपीजी फेडरेशन और ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ दिन में दो घंटे एवं रात में 11 से सुबह पांच बजे तक नो इंट्री में छूट दी जाएगी। बैठक में आईओसी के जेएस यादव, आरबी यादव, केपी मिश्र, विवेक गुप्ता, अजय सिंह, लाल मिश्र आदि मौजूद रहे।