मंझनपुर। जिले में मंगलवार को भी नौ लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इनमें जिला अस्पताल का एक स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल है। सभी को कोविड अस्पतालों में भर्ती करा दिया गया। वहीं दूसरी तरफ उपचार के बाद 11 मरीज ठीक होकर घर गए।
संक्रमण की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी एवं कंटेनमेंट जोन में शिविर लगाकर 1258 संदिग्धों की जांच की गई। इनमें से 895 का एंटीजन किट से टेस्ट किया गया। जबकि 363 का स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए केजीएमसी लखनऊ भेज दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि मंगलवार को विभिन्न माध्यमों से आई जांच रिपोर्ट में जिले के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले नौ लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें जिला अस्पताल का एक स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल है। इनके अलावा मंझनपुर व सिराथू क्षेत्र के तीन-तीन तथा सरसवां के दो लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह से जिले में अब तक 981 लोग पॉजिटिव निकल चुके हैं। हालांकि इनमें से 741 ठीक भी हो चुके हैं। अब तक 13 मरीजों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 239 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।
वहीं कोरोन संक्रमितों को अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने की कवायद की जा रही हैं। जिले के कोविड एल-2 वार्ड में इन दिनों 26 मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने पर वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। लिहाजा अस्पताल में दस वेंटिलेटर हैं। मरीज की नाक के आसपास के हिस्से में ब्लॉकेज को हटाने व श्वसन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक यूनिट हाई फ्लो नेजल कैनुला मशीन लगाई गई है। मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा व्यापार मंडल के सहयोग से वार्ड को वातानुकूलित करने के लिए दो एयरकंडीशनर लगाए गए है। सीएमएस डॉण् दीपक सेठ ने बताया कि कोरोना वार्ड स्तर.दो में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। वार्ड में अब तक 10 वेंटिलेटरए दो एयर कंडीशन व एक हाई फ्लो नेजल कैनोला यूनिट स्थापित कर दी गई है।