इंडियन ऑयल के टैंकर से हो रही थी जेट फ्यूल की चोरी, नौ गिरफ्तार
एयरक्राफ्ट में होता है इस्तेमाल, धूमनगंज में कार्रवाई, डीजल, केरोसिन समेत कुल चार टैंकर भी पकड़े गए
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इंडियन ऑयल के झलवा स्थित डिपो से अलग-अलग जगहों पर आपूर्ति के लिए जा रहे टैंकरों से ईंधन चोरी के खेल का सोमवार को भंडाफोड़ हुआ। खास बात यह कि डीजल, केरोसिन के साथ ही एयरक्राफ्ट में इस्तेमाल होने वाला जेट फ्यूल भी चोरी किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
झलवा में इंडियन ऑयल के डिपो से डीजल, पेट्रोल व अन्य तरह के ईंधनों की अलग-अलग जगहों पर आपूर्ति होती है। यहां से एयरक्राफ्ट व हवाई जहाज आदि में इस्तेमाल होने वाला एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) या जेट फ्यूल भी अलग-अलग एयरपोर्ट पर भेजा जाता है। डिपो से निकलने वाले टैंकरों से ईंधन चोरी होने की शिकायतें लगातार पुलिस को मिल रही थीं। जिस पर क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया था। सटीक सूचना पर सोमवार दोपहर एसआई एसके निगम, राजीव तिवारी, मनीष सिंह, याकूब व अन्य ने धूमनगंज में पीपलगांव इलाके में नौ लोगों को रंगेहाथ टैंकरों से ईंधन चुराते पकड़ा। इनमें टैंकरों के चालक-खलासी के अलावा कुछ खरीदार भी शामिल हैं। सभी डिपो से निकलने के बाद टैंकर सुनसान इलाके में ले जाते थे। फिर सील तोड़कर कंटेनर व ड्रम में ईंधन निकाल लेते थे। जिन चार टैंकरों से ईंधन चोरी होते पकड़ा गया, उनमें डीजल-पेट्रोल के अलावा एक जेट फ्यूल का भी था, जिसे वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचाया जाना था। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का सरगना पकड़ा गया कौशाम्बी निवासी बृजमोहन मौर्य है। गिरफ्तार आरोपियोें में उसके अलावा शिवम गुप्ता, मो. रिशू, शारदा प्रसाद, हरीशंकर मिश्रा, दुर्गेश पटेल, मुन्ना लाल यादव, रामअवध कुशवाहा, अशोक कुशवाहा भी शामिल हैं।
...तो कर्मचारियों की भी थी मिलीभगत
प्रयागराज। ईंधन चोरी के इस खेल में डिपो व आपूर्ति केंद्र के कुछ कर्मचारियेां की मिलीभगत की भी चर्चा है। दरअसल, डिपो से निकलने वाले टैंकरों में ईंधन की मात्रा उतनी ही होती है, जितनी आपूर्ति होनी है। ऐसे में बीच रास्ते ईंधन चोरी होने के बाद भी आपूर्ति किए जाने पर इस गड़बड़ी का न पकड़ा जाना बेहद हैरान करने वाला है। यही वजह है कि कहा जा रहा है कि इस खेल में कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। हालांकि इस मामले में पुलिस का सिर्फ इतना ही कहना है कि जांच की जा रही है।