अवैध खनन में प्रयोग किए जाने वाले पुल को तोड़ा गया
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पानी में खनन पर काफी सख्त दिखा। यमुना नदी में खनन, अवैध खनन समेत 14 बिंदुओं पर खनन की शिकायत हुई थी। एनजीटी के जज न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने मंगलवार को सर्किट हाउस में हुई बैठक में सभी बिंदुओं पर सुनवाई की। उन्होंने निर्देश दिया कि पानी में किसी भी तरह का खनन न होने पाए। उन्होंने अवैध खनन पर भी प्रभावी रोक की बात कही। उन्होंने अन्य बिंदुओं पर भी खान अधिकारी को जरूरी निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता ने कार्यालय तथा घाट पर बाहरी लोगों को तैनात कर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया था। इस पर खान अधिकारी बीपी यादव का कहना है कि कार्यालय में आउट शोर्सिंग पर नियुक्ति की गई है। उन्हाेंने अवैध वसूली को भी नकारा। एनजीटी की बैठक में चंद्रशेखर आजाद पार्क में सफाई, नेट मीटर लगाने, अतिक्रमण आदि बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने पार्क के चारों तरफ से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। साथ पार्क में आयोजनों पर भी प्रभावी रोक का निर्देश दिया। उन्होंने पार्क में नेट मीटर के बारे में भी जानकारी ली। अफसरों का दावा है कि इसके लगने से बिजली बिल में काफी कमी आएगी। अफसराें ने बताया कि दो-तीन दिनों नेट मीटर लग जाएगा। न्यायमूर्ति ने सूखे पौधों, पौधरोपण अभियान, पार्क के सौंदर्यीकरण, फाउंटेन लगाने आदि की बाबत भी जरूरी निर्देश दिए। बैठक में खनन, उद्यान, प्रदूषण आदि विभाग के अफसर मौजूद रहे।