रेलवे के मिशन रफ्तार को गति देने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) द्वारा रेल ट्रैक का नवीनीकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए बजट में 860 करोड़ रुपये एनसीआर के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इस बजट से दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रैक का नवीनीकरण होगा। एनसीआर को इस वर्ष के लिए 11321.94 करोड़ रुपये का बजट मिला है जो अब तक का सर्वाधिक है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का बजट 366 करोड़ रुपये ज्यादा है।
एनसीआर के लिए इस बार अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। यहां मुख्य रूप से मिशन रफ्तार पर फोकस किया गया है। रेलवे की तैयारी है कि इस वर्ष के आखिर तक दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा कर ली जाए। इसके लिए यहां आधारभूत संरचना सुधारने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान समय प्रयागराज मंडल के दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा है। इस रेलखंड में प्रयागराज से डीडीयू के बीच ट्रेनों का लोड सर्वाधिक है। इसी वजह से यहां तीसरी लाइन बिछाई जा रही है।
इसके अलावा यहां प्रयागराज से बमरौली के बीच बिछाई जाने वाली 10 किमी लंबी चौथी रेल लाइन के निर्माण कार्य को भी गति मिलेगी। यह कार्य भी दिसंबर 24 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। फिलहाल केंद्र द्वारा स्वीकृत बजट 2024-25 में उत्तर मध्य रेलवे को विभिन्न परियोजनाओं के लिए कुल 11321.94 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
पिछले वर्ष यहां 10955.5 करोड़ का बजट मिला था। यहां आमान परिवर्तन के लिए 590.00 करोड़, दोहरीकरण के लिए 3669.14 करोड़, यातायात सुविधाओं के लिए 1294.91 करोड़, सड़क संरक्षा कार्यों के लिए 545.94 करोड़, पुल संबंधी कार्यों के लिए 169.75 करोड़, सिग्नलिंग कार्यों के लिए 460.00 करोड़, बिजली संबंधी कार्यों के लिए 226.81 करोड़, कर्मचारी कल्याण के कार्यों के लिए 37.73 करोड़, उपभोक्ता सुविधाओं के लिए 951.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एनसीआर के लिए इस बार 11321.94 रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। मिशन रफ्तार के तहत यहां कई कार्य होंगे।
- हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, एनसीआर।