ड्रॉप आउट और कक्षा 10 तक की शिक्षा पूर्ण करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए पाठ्यवस्तु को अधिक सुगम और रोचक बनाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। कार्यशाला में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के अनुसार पाठ्य सामग्री तैयार की जाय।
पत्राचार शिक्षा संस्थान के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार से दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। पत्राचार शिक्षा संस्थान और एजुकेट गर्ल्स संस्था की ओर से हुई कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम को सुगम और रोचक बनाने पर जोर दिया। पाठ्यक्रम सुग्राह्य होगा तो विद्यार्थियों की रुचि होगी और उन्हें शिक्षित बनाने का उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
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ड्रॉप आउट और कक्षा 10 तक की शिक्षा पूर्ण करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए पाठ्यवस्तु को अधिक सुगम और रोचक बनाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। कार्यशाला में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के अनुसार पाठ्य सामग्री तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि पाठ्य सामग्री रोचक बने, जिससे शिक्षक के बिना भी स्वयंपाठी पढ़ने के लिए प्रेरित हो सके।
अपर शिक्षा निदेशक राजकीय व पत्राचार शिक्षा संस्थान के प्रभारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि राज्य मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए सरलतम और सुग्राह्य पठन-पाठन सामग्री का निर्माण किया जाएगा। पाठ्यक्रम ऐसा होगा, जिससे विद्यार्थियों में समझ का निर्माण हो। वह अपने विचारों को दर्शाने, नवीन विचारों की उत्पन्न करने, कल्पना करने, संरचना और वर्गीकृत करने पर आधारित होगा। अपर निदेशक माध्यमिक सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि शैक्षणिक सामग्री राज्य मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और सशक्त करने में मददगार साबित होना चाहिए।
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कहा कि कठिन विषयवस्तु को संक्षेप में समझाया जाय। पाठ्यक्रम नवीन शैक्षिक तकनीकों पर आधारित हो। ऐसा हो कि विद्यार्थी अध्ययन सामग्री का उपयोग करके कम समय में अधिक ज्ञान प्राप्त कर सके। अवधारणाओं और जानकारियों को रटने के बजाय समझकर सीखने का प्रयास किया जाय। विद्यार्थी की आकलन प्रक्रिया ऐसी हो कि वह परीक्षा भय से मुक्त हो। अन्य विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम बदलाव पर अपने सुझाव दिए। इस माैके पर अपर निदेशक बेसिक कामता राम पाल, एजुकेट गर्ल्स की गीतिका हिंगिस, विक्रम सिंह साेलंकी आदि थे।