दिल में बसती हैं प्रयागराज की यादें
प्रयागराज धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तो है ही, प्रशासनिक रूप से भी यह एक चुनौतीपूर्ण जिला माना जाता है। यहां मिले अनुभवों ने ही आईपीएस राजीव कृष्ण को शुरुआती दौर में ही एक सक्षम और संवेदनशील अफसर बनने की दिशा में प्रेरित किया। वह खुद कहते रहे हैं कि प्रयागराज में बिताया गया प्रशिक्षण काल उनके पूरे कॅरिअर के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।
प्रशिक्षण काल के बाद उन्होंने प्रदेश के कई प्रमुख और संवेदनशील जिलों में जिम्मेदारियां संभालीं। मेरठ, आगरा, लखनऊ और नोएडा जैसे शहरों में उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग के कई सफल प्रयोग भी किए। शांतिपूर्ण चुनाव संचालन, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और साइबर क्राइम जैसी नई चुनौतियों से निपटने में उनकी कार्यशैली की खूब सराहना हुई।