धूमनगंज थाना क्षेत्र के राजरूपपुर निवासी उत्तम शुक्ला (17) करीब 15 दिन पहले मोबाइल फोन लेने का जिद किया था। परिजनों के काफी मना करने के बाद भी जब वह नहीं माना तो अंत में पिता को ही बेटे की जिद के आगे झुकना पड़ा और उसे एक नया मोबाइल फोन लाकर दिए थे। रविवार को पूरे परिवार के संग चित्रकूट जाने का प्लान था। लेकिन, इससे पहले ही घर के इकलौते बेटे का शव फंदे से लटका देख माता-पिता का कलेजा फट गया।
पिता अजय ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। वह अपनी ही दुनिया में शांत पड़ा रहता था। इस तरह की आदत काेई नई नहीं थी। वह बचपन से ही ऐसा ही था। पिता ने बताया कि रविवार को वह लोग पूरे परिवार के साथ चित्रकूट जाने वाले थे। इससे पहले शनिवार को कौशाम्बी के सरायअकिल थाने के तिल्हापुर गांव स्थित ससुराल जाने की तैयारी थी। घटना के एक दिन पहले वाली रात को उत्तम भी उनके साथ मामा के घर जाने के लिए तैयार था, लेकिन सुबह करीब आठ बजे ना जाने उसे क्या हुआ, अचानक वह उन लोगों के साथ वहां जाने से इंकार कर दिया। उन्होंने उस समय अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा इस तरह का कदम उठा लेगा।