शहर के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन ने अपने ऊपर लगे बैडटच के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश करार दिया है। वहीं, पुलिस ने अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
शहर के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन ने अपने ऊपर लगे बैडटच के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश करार दिया है। वहीं, पुलिस ने अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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बुधवार को इलाज के लिए पहुंची एक युवती ने न्यूरो सर्जन पर बैडटच का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। अब आरोपी डॉक्टर ने सफाई देते हुए कहा है कि आरोप लगाने वाली युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वह पिछले कई महीने से उसका इलाज कर रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस को हर संभव सहयोग देने की बात कही है। इधर, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अस्पताल और आरोपी डॉक्टर के घर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
साथ ही दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग दर्ज किए गए हैं। एसीपी विद्युत गोयल का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होगा।