इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि श्रम न्यायालय के अधिनिर्णय (अवॉर्ड) पर एकल पीठ के आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील पोषणीय नहीं है। इस टिप्पणी संग मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) के कर्मचारी शिव पाल की विशेष अपील खारिज कर दी।
श्रम न्यायालय कानपुर ने 31 जुलाई 2025 को कर्मचारी शिव पाल के पक्ष में अवॉर्ड पारित किया था। इस अवॉर्ड के खिलाफ विद्युत कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित कर एकल पीठ ने श्रम न्यायालय के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके खिलाफ कर्मचारी ने स्पेशल अपील दाखिल की थी। कंपनी के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट रूल्स का हवाला देते हुए अपील की पोषणीयता पर सवाल उठाया। कोर्ट ने माना कि श्रम न्यायालय का अवॉर्ड अर्ध न्यायिक प्रकृति का है। लिहाजा, इसके खिलाफ स्पेशल अपील पोषणीय नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि यदि एकल न्यायाधीश ने संविधान के अनुच्छेद 226 या 227 के तहत किसी ट्रिब्यूनल, न्यायालय या वैधानिक मध्यस्थ के आदेश के खिलाफ अपनी अधिकारिता का प्रयोग किया है तो उस निर्णय के खिलाफ स्पेशल अपील पोषणीय नहीं है।