इसी खिड़की से आते-जाते थे परिवारवाले
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परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। अभयराज के पास जो भी जमा पूंजी थी, परिवार वाले उससे सिर्फ धार्मिक यात्रा करते थे। कभी कड़ा जाते तो कभी मैहर, कभी विंध्यवासिनी मंदिर जाते तो कभी बहराइच। पूरे पैसे धार्मिक यात्राओं में खत्म हो गए थे। घटना के बाद बीनू और उसके तीन भाइयों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वे भी अभी भी बेहद कमजोर हैं। यहां तक कि वे खड़े होने में असमर्थ हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अभी भी खराब है। ठीक होने पर मनोचिकित्सकों से उनका उपचार कराया जाएगा। उधर, अभयराज देहली गांव स्थित ससुराल में हैं। अभयराज और उनकी पत्नी भी काफी कमजोर हैं। अब दोनों को गलती का अहसास हो रहा है। अभयराज ने बताया कि उनकी बेटी बीनू ने पूरे परिवार को अंधविश्वासी बना दिया। वह कहती थी, उस पर देवी मां का साया है। इस कारण परिवार के लोग उसकी बात मान लेते थे। उनका कहना है कि आर्थिक मदद मिले तो वह परिवार को फिर से स्वस्थ कर देंगे।