याची का तर्क था कि विपक्षी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पांच वर्ष की आय का ब्योरा नहीं दिया है। केवल एक साल का दिया है। इसी आधार पर नामांकन अस्वीकार कर देना चाहिए। यह भी कहना है कि जीत का अंतर 258 वोट का है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर की नेहटौर विधानसभा के निर्वाचन की वैधता को चुनौती देने वाली पर भाजपा विधायक ओम कुमार व अन्य विपक्षियों को नोटिस जारी की है। मामले में कोर्ट ने साक्ष्य सहित जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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इसके साथ ही यह भी कहा है कि यदि विपक्षी अगली तिथि पर हाजिर होकर जवाब नहीं दाखिल करते तो याचिका उसी तिथि को तय कर दी जाएगी। कोर्ट ने नोटिस डाक के साथ-साथ अखबारों में भी प्रकाशित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने आरएलडी प्रत्याशी मुंशीराम की चुनाव याचिका पर दिया है।
याची का तर्क था कि विपक्षी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पांच वर्ष की आय का ब्योरा नहीं दिया है। केवल एक साल का दिया है। इसी आधार पर नामांकन अस्वीकार कर देना चाहिए। यह भी कहना है कि जीत का अंतर 258 वोट का है।
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सीनियर सिटीजन व डाक मतों की गणना में गड़बड़ी की गई है। दो बूथ की मशीन सही नहीं थी तो वीवी पैड से मतगणना की गई। इसमें भी धांधली की गई है। नामांकन पत्र में कई कालम खाली छोड़ दिया गया है। इस आधार पर नामांकन नियमानुसार नहीं होने के कारण चुनाव रद्द किया जाए। याचिका की सुनवाई 19 जुलाई को होगी।