पत्नी, चार बेटे व बेटी फरार, सभी के मोबाइल बंद
कर्नलगंज पुलिस मृतक रामदुलारे के घर पहुंची तो उनकी पत्नी कलावती, बेटा राजकुमार, सुरेंद्र, वीरेंद्र, अखिलेश और एक बेटी ललिता फरार थी। घर में सिर्फ जितेंद्र मिला था। पूछताछ करने पर पता चला कि सभी वारदात के बाद से फरार है। पुलिस ने उन सभी के मोबाइल पर फोन लगाया तो नंबर बंद था। पुलिस की टीमें इन सभी को लोकेशन पता कर इनकी गिरफ्तारी में जुटी हुई है। पुलिस को आशंका है कि हत्या में बेटे अखिलेश के अलावा अन्य की भूमिका हो सकती है। बहरहाल पुलिस शैलेंद्र और जितेंद्र से पूछताछ कर रही है।
40-40 हजार आर्थिक सहायता देने का कोर्ट ने सुनाया था फैसला
बेटे जितेंद्र ने बताया कि पिता अपनी पत्नी और बेटों के साथ विवाद के कारण वह वृद्धाआश्रम में रहते थे। उन्होंने अपने भरण-पोषण के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किया था। तीन दिन पहले ही जिला न्यायालय ने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए परिवार के बेटों को पिता के भरण-पोषण के लिए सभी से 40-40 हजार आर्थिक सहायता व प्रत्येक माह 800-800 रुपये देने का फैसला सुनाया है। पुलिस को आशंका है कि अदालत के इसी फैसले से परिवार के कुछ सदस्य नाराज थे और इसी के बाद हत्या की साजिश रची गई।
तीन टीमें आरोपियों की तलाश में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर घटना की पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास कर रही है। वहीं, आरोपी अखिलेश के साथी की भी पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
प्रारंभिक जांच में बेटे अखिलेश ने अपने ही पिता रामदुलारे की गोली मारकर हत्या की है। जिला न्यायालय में भरण-पोषण का वाद चल रहा था। अदालत के फैसले से नाराज होकर हत्या करने का शक है। मामले मे हर पहलुओं पर जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - विमल किशोर मिश्रा, एसीपी, कर्नलगंज