44 साल पहले कोर की हुई थी स्थापना
44 साल पहले 1979 में स्थापित कोर ही ब्रॉड गेज रेलमार्ग का विद्युतीकरण कर रहा है। कोर प्रयागराज की अंबाला, जयपुर, बंगलुरू, गुवाहाटी, चेन्नई, सिकंदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ और दानापुर परियोजनाएं इसी के दायरे में हैं। देश के 70 फीसदी ब्रॉड गेज रेलमार्ग का कोर ने ही विद्युतीकरण किया है। जोनल रेलवे, रेल विकास निगम लिमिटेड, राइट्स, इरकॉन, पीजीसीएल समेत 22 अन्य यूनिट मिलकर बमुश्किल 30 प्रतिशत ही विद्युतीकरण कर सके।
यूनियन नेताओं ने की प्रधानमंत्री कार्यालय से दखल की मांग
एनसीआरईएस के संयुक्त महामंत्री आलोक सहगल का कहना है कि पीएमओ को इस मामले में दखल देना चाहिए। मेंस यूनियन के शाखा मंत्री नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। कोर की सभी परियोजनाएं बंद करके उसके सारे काम जोनल रेलवे को सौंपे जाने की तैयारी है। नेताओं का कहना है कि जिस कोर ने 70 फीसदी विद्युतीकरण किया है, उसे बंद करने का फैसला समझ से परे है। कोर पर तालाबंदी का प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने पिछले साल दिया था।