Prayagraj : नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो)।
- फोटो : prayagraj
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष, मठ बाघंबरी गद्दी और संगम स्थित लेटे हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए देश की शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआई कभी भी प्रयागराज स्थित मठ में पहुंच सकती है। दो दिन से सीबीआई टीम के प्रयागराज आने की चर्चा चल रही है। इन्हीं चर्चा के बीच दारागंज पुलिस और एसएसपी प्रयागराज की ओर से गठित 18 सदस्यीय एसआईटी ने कागजात को हैंडओवर करने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने घटना के पर्दाफाश के लिए छह सदस्यीय टीम का गठन किया है।
सीएम ने 24 घंटे के भीतर कर दी थी सीबीआई जांच की सिफारिश
बता दें कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का शव 19 सितंबर को बाघंबरी गद्दी मठ के एक कमरे में छत के पंंखे के सहारे लटकता मिला था। इस घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित बड़ी संख्या में नेताओं और अखाड़ा परिषद से जुड़े 13 अखाड़ों के प्रमुखों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए और सुसाइड नोट को लेकर उठ रहे सवालों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत की मौत के 24 घंटे के भीतर ही मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी थी।
दारागंज में दर्ज है मुकदमा
बाघंबरी गद्दी मठ दारागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसी थाने में महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या का मामला दर्ज किया गया है। अब तक पुलिस और एसआईटी ने जो भी जांच किया है और घटना से जुडे़ मामले में जितने लोगों से पूछताछ किया है सब रिपोर्ट सीबीआई टीम को हैंडओवर की जाएगी। इसके बाद सीबीआई अपने स्तर से मामले की छानबीन शुरू करेगी।
एसएसपी ने गठित की है 18 सदस्यीय टीम
घटना के तत्काल बाद ही शासन के निर्देश पर एसएसपी ने मामले के खुलासे के लिए 18 सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया था। टीम ने अपना काम भी शुरू कर दिया है और कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एसआईटी टीम का प्रमुख क्षेत्राधिकारी नगर चतुर्थ प्रयागराज को बनाया गया है। इसके अलावा टीम में सदस्य के तौर पर सीओ नगर पंचम आस्था जायसवाल के अलावा जार्जटाउन के इंस्पेक्टर महेश सिंह सहित टीम में दो महिला सिपाही भी शामिल हैं।
1.45 मिटन के वीडियो से और उलझा मामला
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के तुरंत बाद का वीडियो आत्महत्या के पांचवें दिन सामने आया। इस 1.45 मिनट के वीडियो ने मामले को और भी उलझा दिया है। कमरे में चलते पंखे और तीन टुकड़ों में मिली रस्सी को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। महंत का मोबाइल स्वीच आफ मिला, जबकि बताया जाता है कि वह कभी अपना मोबाइल बंद नहीं करते थे। कमरे का दरवाजा भी ठीक से नहीं बंद था। धीरे से धक्का देने पर दरवाजे का खुल जाना और भी रहस्य पैदा करता है। इन सारी कड़ियों को मिलाकर आत्महत्या की सही वजह जानना सीबीआई के लिए चुनौती होगी।
आत्महत्या या हत्या: कई सवालों का जवाब मिलना बाकी
- पुलिस के मुताबिक मामला खुदकुशी का लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर महंत ने जान देने जैसा कदम क्यों उठाया?
- पुलिस की थ्योरी सच मानी जाए तो आत्महत्या जैसा कदम उठाने से पहले क्या उनकी मनोदशा ऐसी थी कि इतना लंबा चौड़ा सुसाइड नोट लिख सकें।
- आनंद गिरि बदनाम करना चाहते थे तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को क्यों नहीं दी?
- महंत की मौत के बाद शिष्यों ने आखिर पुलिस के आने से पहले ही दरवाजा क्यों खोला? इतना ही नहीं उनका शव भी फंदे से नीचे उतार लिया?
- सूचना पर आला पुलिस अफसरों ने आखिर इस बात के लिए निर्देशित क्यों नहीं किया कि फोरेंसिक टीम के मौके पर पहुंचने से पहले शव को न छुआ जाए?
- शव उतारने के बाद रस्ती तीन टुकड़ों में कैसे बंट गई।
कब क्या हुआ 19 सितंबर 2021
- 11 बजे: अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ पहुंचे।
- 11.30 बजे: अन्य पदाधिकारियों व शिष्यों संग भोजन किया।
- 12 बजे: आराम करने की बात कहते हुए गेस्ट हाउस वाले कमरे में चले गए।
- 4.30 बजे: महंत के बाहर न आने पर सेवादार बबलू व सुमित उन्हें बुलाने पहुंचे।
- 5 बजे: दोनों सेवादार दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे और तब घटना की जानकारी हुई।
- 5.10: शव फंदे से नीचे उतारा गया।
- 5.20: सूचना आईजी रेंज केपी सिंह को दी गई।
- 5.40: आईजी, डीआईजी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंचे।
- 6 बजे: बाघंबरी गद्दी के बाहर जुटी भीड़।