महंत नरेंद्र गिरि और रविंद्र पुरी। फाइल फोटो
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मठ बाघंबरी गद्दी और श्री बड़े हनुमानजी मंदिर के महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले की सुनवाई शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई। अदालत के आदेश पर अखिल भारती अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी कोर्ट में पेश हुए। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी मामले के वादी मुकदमा अमर गिरि अदालत में पेश नहीं हुए। जिससे अमर गिरि की गवाही दर्ज नहीं हो सकी है। अदालत ने नरेंद्र गिरि की ओर से जारी किए गए ऑडियो टेप को तलब किया है। ताकि आवाज से पहचान कराई जा सके।
कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस अमर गिरि को गिरफ्तार कर पेश नहीं कर सकी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अमर गिरि के विरुद्ध जारी एनपीडब्ल्यू वारंट अभी तक तामील नहीं हो सका है, जिस पर कोर्ट ने अभियोजन का पक्ष सुनने के बाद दूसरे गवाह के रूप में रवींद्र पुरी को समन भेजकर गवाही दर्ज कराने का आदेश दिया था।
मुकदमे की सुनवाई पहले जिला जज संतोष राय की अदालत में चल रही थी, लेकिन जिला जज ने मुकदमा अंतरित कर दिया। अब अपर सत्र न्यायाधीश राम प्रताप सिंह राना ने सुनवाई शुरू किया है। अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी