कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के खिलाफ रविवार को सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे पर किसी ने बैनर लगाकर सनसनी फैला दी। बैनर में नंदी के खिलाफ कुछ बातें लिखी हैं और अंत में बताया गया है कि यह बातें मायावती ने केपी कॉलेज मैदान पर आयोजित जनसभा के दौरान कहीं थीं। बैनर के जरिये सीधे नंदी पर निशाना साधा गया है।
बैनर पर जिस तरह की बातें लिखी गई हैं, उससे तो यही संकेत मिल रहे हैं कि नंदी कांग्रेस को छोड़ किसी दूसरे दल में शामिल होने या बसपा में वापसी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बैनर लगाने वाला नहीं चाहता है कि नंदी इसमें सफल हों। बैनर किसने लगाया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। बहरहाल इससे इलाहाबाद की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। यूपी के विधानसभा चुनाव करीब आते ही दलबदल की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
टिकट के लिए नेता पाला बदलने लगे हैं। पिछले दिनों हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद ऐसे कुछ उदाहरण भी सामने आए। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले भी नंदी का पूर्व सांसद एवं सपा नेता अतीक अहमद के साथ एक विवादित बैनर लगाया गया था। उसमें निवेदक के तौर पर हर्षवर्धन बाजपेयी की तस्वीर लगाई गई थी। यह बैनर भाजपा के कार्यक्रम के समर्थन में लगाया गया था। उस वक्त हर्षवर्धन ने इस बैनर से पल्ला झाड़ लिया था लेकिन बाद में वह सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।