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प्रयागराज: पेट्रोल, डीजल में मिलावट करने वाले गिरोह का सरगना निकला क्रशर प्लांट मालिक

Wed, 09 Jun 2021 09:26 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • मंगलवार को अपहरण नहीं हुआ था क्रशर प्लांट मालिक का, एसटीएफ ने उठाया था
  • प्रतापगढ़ में पुलिस ने व्यापारी के साथ पेट्रोल पंप मालिक समेत चार को किया गिरफ्तार
  • प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ के कई पेट्रोल पंपों पर बेचा जाता था मिला मिलावटी तेल
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पेट्रोल-डीजल में केमिकल मिलाने वाले आरोपी। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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नैनी की पीएसी कॉलोनी से मंगलवार की रात क्रशर प्लांट मालिक राजकुमार जायसवाल का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि उसे एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। राजकुमार पेट्रोल-डीजल में केमिकल की मिलावट करने वाले गिरोह का सरगना निकला। एसटीएफ ने प्रतापगढ़ के फतनपुर से एक टैंकर केमिकल के साथ गिरोह के चार लोगों को पकड़ा है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल में मिलावट के एक बड़े रैकेट का भी पर्दाफाश हुआ है। केमिकल की सिर्फ प्रतापगढ़ ही नहीं कौशाम्बी और प्रयागराज के कई पेट्रोल पंपों पर भी सप्लाई की जाती थी। इस रैकेट में रायबरेली के भी दो व्यापारी भी शामिल हैं। जिस पेट्रोल पंप पर टैंकर पकड़ा गया। उसे सीज कर दिया गया है।

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नैनी की पीएसी कॉलोनी से व्यापारी राजकुमार जायसवाल मंगलवार की रात लापता हुआ तो अपहरण का शोर मच गया था। दरअसल उसे एसटीएफ ने पकड़ा था। मंगलवार को प्रतापगढ़ के फतनपुर स्थित मां विंध्यवासिनी ऑटो मोबाइल पेट्रोल पंप पर एक टैंकर केमिकल के साथ पकड़ा गया था। एसटीएफ ने राजकुमार के अलावा पेट्रोल पंप मालिक विपिन मिश्रा, मैनेजर अंकित और टैंकर चालक बरमदीन कुशवाहा को गिरफ्तार किया। टैंकर से नौ हजार लीटर हाइड्रोकार्बन मिक्सचर, ढाई हजार लीटर सॉलवेंट, एक डीप रॉड बरामद हुई। इसके अलावा आरोपियों के पास से एक लाख 95 हजार रुपये दो फर्जी बिल्टी, एक टैक्स इनवाइस, मोबाइल, टैबलेट बरामद हुआ। 


डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि पूछताछ में पेट्रोल पंपों पर मिलावट करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ। गिरोह का सरगना राजकुमार जायसवाल है। उसने एक रजिस्टर्ड फर्म बनाई, जिसमें केमिकल की जरूरत पड़ती है। इसी का सहारा लेकर वह छोटे स्तर पर पेट्रोल पंपों पर केमिकल की आपूर्ति करने लगा। इसके  बाद वह रायबरेली, अमावां की एमकैप मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक  नरेश अग्रवाल और उसके पौत्र प्रणव अग्रवाल के साथ सॉलवेंट का धंधा करने लगा। गिरोह ने प्रयागराज ही नहीं कौशाम्बी और प्रतापगढ़ के तमाम पेट्रोल पंपों पर उसने केमिकल की आपूर्ति शुरू कर दी। पुलिस को भरमाने के लिए आरोपी टैक्स इनवायस बिल्टी तैयार रखते थे, जिससे गिरोह के काफी समय तक पकड़े नहीं जा सके। आपूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप सीज कर दिया है।
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- पेट्रोल पंपों पर मिलावट के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। तमाम सफेदपोशों के नाम सामने आए हैं। सभी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। नवेंदु सिंह, डिप्टी एसपी एसटीएफ
 

टैंकर चालक से बना केमिकल गिरोह का सरगना, करोड़ों कमाए

प्रयागराज। नैनी के संजय नगर का रहने वाला राजकुमार जायसवाल पहले खुद तेल टैंकर का चालक था। शातिर राजकुमार ने जान लिया था कि मिलावट का खेल कैसे होता है। उसने टैंकर चलाना छोड़ा और पेट्रोल पंपों पर केमिकल की आपूर्ति शुरू कर दी। इसके लिए सन 2000 में जायसवाल इंटरप्राइजेज के नाम से एक फर्म बनाई। उसी फर्म की आड़ में केमिकल सप्लाई करने लगा। उस समय जिला पूर्ति का काम बादल चटर्जी देख रहे थे। उन्होंने राजकुमार को पकड़ लिया। एफआईआर के बाद उसे जेल भेज दिया गया। छूटने के बाद राजकुमार ने बड़े स्तर पर काम करना शुरू किया। एक क्रशर प्लांट खोला, जिसमें केमिकल की जरूरत होती है। रायरबरेली के नरेश अग्रवाल और प्रणव अग्रवाल की फर्म से वह केमिकल लेता और प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी के तमाम पेट्रोल पंपों पर केमिकल की सप्लाई करने लगा। रायबरेली से वह केमिकल 50 रुपये में खरीदकर पेट्रोल पंप पर 60 रुपये में देता था।

यह हुए गिरफ्तार

- राजकुमार जायसवाल, छिवकी रोड संजय नगर, नैनी

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- विपिन मिश्रा, भोखपुर अठगंवा, पट्टी, प्रतापगढ़
- अंकित, गुडरू रामपुर, प्रतापगढ़,
- बरमदीन, कुशवाहा, मुंगारी, औद्योगिक क्षेत्र


- नरेश अग्रवाल, अमावां रायबरेली
- प्रणव अग्रवाल, अमावां रायबरेली

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