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नैनी हत्याकांड : नामजद आरोपी पत्नी बच्चों के साथ फरार, ताबड़तोड़ दबिश  

Sat, 30 Apr 2022 01:29 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोतवाली क्षेत्र के बड़ा चाका निवासी बृजेश सिंह चाका वार्ड 44 अध्यक्ष अजीत सिंह का बड़ा भाई था। बृहस्पतिवार को वह अपने पुत्र प्रियांशु, पुत्री प्रिया व भतीजी सौम्या को स्कूल से लेने मलहरा फाटक ओवरब्रिज के पास गया था।
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Crime Scene - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बच्चों को स्कूल लेने गए भाजपा नेता के भाई बृजेश सिंह की हत्या के नामजद आरोपी पत्नी-बच्चों के साथ फरार हैं। उनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। हत्या में एक ही परिवार के छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है। इस मामले में पुलिस पुरानी रंजिश के साथ जमीनी विवाद को लेकर भी जांच कर रही है।  

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कोतवाली क्षेत्र के बड़ा चाका निवासी बृजेश सिंह चाका वार्ड 44 अध्यक्ष अजीत सिंह का बड़ा भाई था। बृहस्पतिवार को वह अपने पुत्र प्रियांशु, पुत्री प्रिया व भतीजी सौम्या को स्कूल से लेने मलहरा फाटक ओवरब्रिज के पास गया था। उसी समय दो बाइक से पहुंचे पांच लोगों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी। भाई अजीत सिंह ने पुरानी रंजिश का आरोप लगाते हुए छोटा चाका के ही दीपू शर्मा उसके भाई गप्पू शर्मा, ज्ञानू शर्मा, संदीप शर्मा, रंदीप शर्मा व उसके पिता सिद्धनाथ शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।


आरोप था कि दीपू गांव में फड़ चलवाता था जिसको लेकर कई बाद विवाद हो चुका था। वहीं भाजपा सरकार के गठन पर पटाखा फोड़ने को लेकर उसके परिवार के लोगों से विवाद हुआ था। सभी नामजद आरोपी अपने-अपने परिवारों के साथ फरार हो गए हैं। घर में ताला लगा है। पुलिस ने काल डिटेल्स के आधार पर उनकी खोजबीन कर रही है। पुलिस के मुताबिक बृजेश की पुरानी दुश्मनी और जमीन के विवादों को भी देखा जा रहा है। 

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पुरानी रंजिश या जमीन विवाद को लेकर हुई हत्या 
बड़ा चाका निवासी बृजेश सिंह की हत्या के मामले में छोटा चाका निवासी दीपू शर्मा व उसके चार भाइयों व पिता पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। परिजन हत्या का कारण रंजिश बता रहे हैं। लेकिन पुलिस जमीनी विवाद को लेकर भी जांच पड़ताल में जुटी है। सूत्रों की मानें तो धनुहा गांव निवासी एक भू माफिया से गांव की एक जमीन को लेकर बृजेश का कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। इसको लेकर कई बार दोनों पक्षों में पंचायत भी हुई थी, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका। पुलिस हत्या के पीछे इस विवाद को लेकर भी जांच पड़ताल में जुटी है। 
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रात में ही परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार 
बृजेश सिंह का उसके परिजनों ने बृहस्पतिवार रात की दारागंज में अंतिम संस्कार कर दिया था। पोस्टमार्टम के बाद रात करीब दस बजे उसका शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। शुक्रवार को करछना विधायक पीयूष रंजन निषाद बृजेश के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों का आश्वासन दिया कि किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर चाका अध्यक्ष पृथ्वी पाल सिंह, प्रदीप तिवारी, बाल गोविंद दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद 


बृजेश और दीपू के बीच कई बार हो चुका था विवाद 
बृजेश स्टेशन पर वेंडर का काम कराने के साथ साथ टैक्सी भी चलवाता था। उसका और आरोपी दीपू शर्मा के बीच इसके पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। बीते फरवरी में किसी बात को लेकर बृजेश और दीपू के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों पक्ष में मारपीट व हवाई फायरिंग हुई थी। कुछ ग्रामीणों को कहना है कि जुए की फड़ के पैसे को लेकर दोनों के बीच अदावत शुरू हुई थी, जो बढ़ती चली गई। बीते 25 अप्रैल को बृजेश द्वारा दीपू शर्मा के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत की गई थी। जिसमें पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 107, 16 की कार्रवाई भी की थी। संवाद 


घटना के समय स्टेशन पर लगा सीसीटीवी कैमरा था खराब 
मलहरा ओवरब्रिज के नीचे बाइक सवार बदमाश बृजेश को गोली मारने के बाद नैनी स्टेशन की पीछे वाली रोड से भागे थे। लेकिन प्लेटफार्म नंबर चार के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा खराब था। 
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