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नैनी जेल में फिर पड़ा छापा, प्रतिबंधित वस्तुएं मिलीं

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केंद्रीय कारागार नैनी में छापेमारी के दौरान बरामद वस्तुओं संग डीएम भानूचंद्र गोस्वामी व एसएसपी - फोटो : NAINI
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नैनी जेल में फिर पड़ा छापा, प्रतिबंधित वस्तुएं मिलीं
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केंद्रीय कारागार में गांजा, लाइटर, पेन ड्राइव व डायरी बरामद
डीएम, एसएसपी की संयुक्त टीम ने डेढ़ घंटे की छापेमारी
बैरक नंबर तीन में मिली डायरी में लिखे मिले कई मोबाइल नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
नैनी। केंद्रीय कारागार नैनी में रविवार को शाम साढ़े सात बजे डीएम भानुचंद्र गोस्वामी व एसएसपी अतुल शर्मा की टीम ने दोबारा छापा मारा। एक हफ्ते के अंदर इतने व्यापक पैमाने पर की गई छापेमारी से जेल में खलबली मच गई। करीब पौने दो घंटे तक चली छापेमारी की कार्रवाई के दौरान 100 ग्राम गांजा, 49 लाइटर, दो सूजा, चार सरिया, एक सरौता, पांच कैंची, एक पैन ड्राइव, आठ ब्लेड, दो सुतली, ताश की गड्डी के अलावा सबसे अहम एक डायरी मिली है। जिसमें कई मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं। वो डायरी किसकी है, ये फिलहाल जांच का विषय है। हालांकि कोई मोबाइल नहीं मिला है।
डीएम एवं एसएसपी की संयुक्त टीम, जिसमें आठ एसडीएम, एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी एवं जनपद के दो दर्जन से ज्यादा थानेदारों के अलावा 400 के करीब सिपाही थे, रविवार को केंद्रीय कारागार के औचक निरीक्षण के लिए पहुंची। अधिकारीगण जेल में लाइट कटौती या अंधेरा होने पर ड्रैगन लाइट साथ लेकर गए थे। सरेशाम अचानक छापेमारी से जेल प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में फोर्स के संग अधिकारियों ने शहर की पांचों सर्किलों की सभी बैरकों की गहन छानबीन की। शाम को 7.30 बजे अंदर घुसे पुलिस प्रशासनिक अफसरों की टीम रात में करीब 9.15 बजे बाहर निकले। डीएम भानूचंद्र गोस्वामी ने बताया कि जेल के अंदर प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी जरूर हुई है, लेकिन मोबाइल एक भी नहीं मिला है। प्रतिबंधित वस्तुएं जेल के अंदर जाती कैसे हैं, इस सवाल पर डीएम ने कहा कि यह चिंता का विषय है और इसके लिए जेल प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है। प्रतिबंधित वस्तुओं का जेल में पहुंचना ही अपने आप में चिंतनीय है। बैरक नंबर तीन में मिली डायरी किसकी है, यह अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन उसमें कई लोगों के मोबाइल नंबर जरूर लिखे हुए हैं। ये किसके हैं और क्यों है, इसकी जांच की जाएगी।
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इनसेट
हफ्ते भर में फिर जस के तस हुए हालात
नैनी (ब्यूरो)। नैनी जेल में एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी छापेमारी है। 30 जून की भोर में पांच बजे भी डीएम और एसएसपी की टीम ने करीब 800 पुलिस वालों के साथ मिलकर छापा मारा था। तब भी जेल में कैची, सरौता, चाकू, चिलम समेत पांच मोबाइल भी मिले थे। एक हफ्ते में दूसरी बार की गई छापेमारी से खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों झूंसी के डाक्टर से रंगदारी मांगने के प्रकरण में भी जेल के अंदर से फोन आने की बात सामने आई थी। उसी के बाद से ये छापेमारी हुई मानी जा रही है। जेल के अंदर मिली पेन ड्राइव व मोबाइल नंबर लिखी डायरी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। पेन ड्राइव का जेल के अंदर क्या उपयोग था, ये अहम सवाल है। 30 जून की छापेमारी में गांजा नहीं बल्कि चिलम मिली थी, लेकिन इस बार गांजा मिला लेकिन चिलम नहीं मिली।
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इनसेट
अंदर जाने में लग गया आधे घंटे से ज्यादा का वक्त
नैनी (ब्यूरो)। केंद्रीय कारगार में छापा मारने के लिए पुलिस टीम सात बजे के करीब ही पहुंच गई थी, लेकिन जेल प्रशासन ने सीधे जेल के अंदर पुलिस वालों को दाखिल होने से रोक दिया। गेट पर सभी सिपाहियों एवं दारोगाओं की चेकिंग कराई गई। मोबाइल जमा कराए गए, उसके बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। इस प्रक्रिया में आधे घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया।
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