फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। धंतिया के हवाला व साइबर ठग गैंग के सात सदस्य पुलिस के शिकंजे में फंस गए हैं। इनके पास से पुलिस को काफी संख्या में पासबुक, डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है, बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
शनिवार को रुकुमपुर गांव में सगाई कार्यक्रम में धंतिया गांव का एक साइबर ठग आया हुआ था। शाम को वह दावत खाकर कार से धंतिया लौट रहा था। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुरादाबाद से वापसी के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की एक टीम माधौपुर अंडरपास पर खड़ी थी। आरोपी को लगा कि पुलिस उसकी तलाश में है तो वह कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार कब्जे में ले ली है। उसमें बैठे दंपती से पूछताछ में पुलिस को आरोपी के बारे में जानकारी मिल गई। देर शाम पुलिस ने उसे धंतिया से कब्जे में ले लिया। पहले उसने टालमटोल की और फिर सीओ हर्ष मोदी की सख्ती पर अपने गिरोह के अन्य लोगों के नाम और गांव में मौजूदगी भी बता दी। उसकी निशानदेही पर सीओ के साथ थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की अगुवाई में देर रात पुलिस टीम ने धंतिया में दबिश देकर सात लोगों को पकड़ लिया।
सूत्रों की मानें तो उनके पास से पुलिस ने काफी संख्या में डेबिट कार्ड व बैंक पासबुक बरामद की हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। सीओ ने बताया कि धंतिया से कुछ संदिग्ध लोगों को लाकर पूछताछ की जा रही है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-
दो साल पहले क्राइम ब्रांच ने की थी बड़ी कार्रवाई
करीब दो साल पहले 21 जुलाई, 2020 को एएसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की टीम ने गांव धंतिया में दबिश देकर साइबर ठगी के सरगना जमशेद खान समेत 20 लोगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद करीब 17 लोगों को जेल भेजा था। टीम से बचने के लिए तीन मंजिल से छलांग लगाने की वजह से सरगना के भतीजे की मौत भी हो गई थी। तब मर्सिडीज कार, कई डेबिट व क्रेडिट कार्ड, पासबुक और नकदी बरामद हुई थी। पुलिस की बड़ी कार्रवाई से गैंग की कमर टूट गई थी। अधिकांश आरोपी दूसरे प्रांतों और शहरों में चले गए थे। अब इनमें से कई ने आसपास के गांव या शहर में ठिकाना बना लिया है।