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सऊदी सरकार के खिलाफ मुसलमानों ने की नारेबाजी

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जन्नतुल बकी में मजारात-ए-मोकद्दसा की शहादत की बरसी पर मंगलवार को रहमतनगर करैली के इबादतखाने अल खिजरा में उलेमाओं ने सऊदी सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। वहीं, दरियाबाद के इमामबाड़ा अरब अली खां से मातमी जुलूस निकाला गया।
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करैली के रहमत नगर इबादतखाने में अनीस जायसी की निजामत में हुए एहतेजाजी जलसे की शुरुआत हैदर रजा कोरालवी की नज्म से हुई। मौलाना मोहम्मद ताहिर, मौलाना यूनुस हैदर माहुली, मौलाना सैयद अली अब्बास ने विचार व्यक्त किए।
इस दौरान सऊदी हुकूमत और आले सऊद के खिलाफ नारे बुलंद किए गए। उलेमाओं ने कहा कि पैगंबरे इस्लाम के खानवादे पर जहां उनकी जिंदगी में मजालिम की इन्तेहा पार कर जुल्म ढ़ाए गए, वहीं शहादत के बाद भी जुल्म और ज्यादती जारी रही। इसी तरह दरियाबाद के पठनवल्ली से अंजुमन हुसैनिया की ओर से निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इमामबाड़ा अरब अली खां से निकाला गया यह जुलूस दरियाबाद के कब्रिस्तान से दरगाह इमाम हुसैन तक गया।
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जुलूस से पहले इमामबाड़ा में मिनहाल अली खां ने सऊदी सरकार पर हमला बोला। वहीं, अंजुमन हुसैनिया के सदस्यों ने बाहों पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। इस जलसे में मौलाना रजी हैदर, मौलाना जवादुल हैदर रिजवी, मौलाना आमिरुर रिजवी, मौलाना अम्मार जैदी, मौलाना इंतेजार आब्दी, मौलाना कल्बे अब्बास रिजवी, रिजवान जव्वादी, रजा मियां, सैयद मोहम्मद अस्करी, शाहरूख हुसैनी, बादशाह हुसैन जिया, आसिफ अब्बास अमन समेत तमाम लोग शामिल थे।
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