मसनी गांव में मां बेटी की नृशंस हत्या के तीसरे दिन प्रशासन के काफी मान मनोबल के बाद अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर कर किया गया। शुक्त्रस्वार की रात थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मसनी गोडवा गांव में बरामदे में सो रही राधिका आकर उसकी बेटी संजू की कातिलों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दिया था। मृतका का पति पूना शहर में कमाने गया था। खबर मिलने पर वह घर पहुंच। जबकि मृतका के ससुर ने बहू के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम में मिले नमूने को सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। वही महिला की चारपाई पर मिले मोबाइल को कब्जे में लेते हुए कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस कातिलों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बता दें कि घटना के बाद आक्त्रसेशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा करते हुए कातिलों को पकड़ने के साथ मुआवजा दिए जाने की मांग की। शनिवार की सायकाल मां बेटी का शव गांव पहुंचने पर परिजन फिर हंगामा करने । जिससे अंतिम संस्कार नहीं हो सका। रविवार की सुबह विधायक विक्त्रस्माजीत मौर्य उपजिलाधिकारी सोरांव अनिल चतुर्वेदी व पूर्व मंत्री बसपा नेता बाबूलाल भंवरा की उपस्थिति में पीड़ित परिजन को पांच लाख की आर्थिक सहायता का चेक देने के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
पीड़ित परिजनों से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
मसनी ग्राम में दोहरे हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह के नेतृत्व में पीड़ित परिजनों से मिला और ढांढस बंधाया। इस दौरान उत्तर प्रदेश एससी एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व विधायक राम सजीवन निर्मल, प्रदेश सचिव वसीम अंसारी, पीसीसी सदस्य आशीष पांडे, शहर अध्यक्ष नफीस अनवर, पार्षद तस्लीमुद्दीन, राजेश, राकेश, आरके गौतम, एसएस सुमन, अभय राज सरोज, परमेश्वर, युवा कांग्रेस गंगापार के जिलाध्यक्ष जैगम फारूकी, महासचिव विनय शुक्ला, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष नंदू पासी, प्रदीप शुक्ला, संदीप तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।