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निकाय चुनाव 2023 : बड़े नेताओं की अनदेखी पड़ी भारी, पिछले प्रदर्शन से बहुत पीछे रह गई कांग्रेस

Sun, 14 May 2023 03:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

नगर निगम चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं में खासा उत्साह नहीं दिखा। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि पार्टी ने आखिरी समय में सपा से आए प्रभा शंकर मिश्रा को महापौर का प्रत्याशी बनाया। इसके अलावा पार्षद पद के लिए पार्टी ने 93 प्रत्याशियों की सूची जारी की लेकिन काफी मशक्कत के बाद।
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निकाय चुनाव का परिणाम आने के बाद उत्साहित भाजपा समर्थक। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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नगर निगम चुनाव में बड़े नेताओं की बेरुखी तथा पार्टी के भीतर विरोध का कांग्रेस को भारी कीमत चुकानी पड़ी। विधानसभा चुनाव के बाद अब नगर निगम में भी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। मुस्लिम मतदाताओं का सपा के प्रति नाराजगी का भी कांग्रेस के नेता फायदा नहीं उठा पाए और पिछले चुनाव के प्रदर्शन से भी पार्टी काफी पीछे रह गई।

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नगर निगम चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं में खासा उत्साह नहीं दिखा। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि पार्टी ने आखिरी समय में सपा से आए प्रभा शंकर मिश्रा को महापौर का प्रत्याशी बनाया। इसके अलावा पार्षद पद के लिए पार्टी ने 93 प्रत्याशियों की सूची जारी की लेकिन काफी मशक्कत के बाद। इसे लेकर काफी विवाद भी रहा। इतना ही नहीं दो प्रत्याशियों ने नामांकन के बाद पार्टी का हाथ छोड़ दिया। वहीं विवादित बयान के कारण एक को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

इन विवादों के बीच पार्टी के किसी बड़ी नेता की ओर से यहां जनसभा या रैली का आयोजन नहीं किया गया। इसका नतीजा रहा कि चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पास एक सीट थी लेकिन पिछले दो चुनाव से पार्टी का हाथ खाली है। 2022 के चुनाव में तो शहर उत्तरी से पार्टी उम्मीदवार अनुग्रह नारायण सिंह तीसरे स्थान पर रहे। अब नगर निगम चुनाव में भी पार्टी की दावेदारी कमजोर होती दिख रही है।
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पिछले चुनाव में कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय मिश्रा को 64579 मिले थे। वहीं इस बार मात्र 40486 वोट मिले हैं। मत प्रतिशत के लिहाज देखें तो पिछले चुनाव में 19.82 फीसदी वोट मिला था। वहीं इस बार मात्र 8.18 प्रतिशत वोट मिले हैं। पार्षदी के चुनाव में भी पार्टी काफी पीछे रह गई। पिछले चुनाव में पार्टी के 11 पार्षद चुने गए थे लेकिन इस बार चार ही निर्वाचित हुए। इतना ही नहीं महापौर समेत ज्यादातर वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी जमानत ही नहीं बचा पाए हैं।

राजकुमार को मात्र 71 वोट
अतीक अहमद के लिए भारत रत्न देने की मांग करने तथा कब्र पर तिरंगा ओढ़ाने वाले आजाद स्क्वायर वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार सिंह को मात्र 71 वोट मिले हैं। हालांकि, इस हरकत के बाद पार्टी ने राजकुमार को निष्कासित कर दिया था।
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