एमबीए और पीएचडी कोर्स भी संचालित हैं। इसके अलावा तकनीक और कानून की पढ़ाई को जोड़कर मास्टर ऑफ साइंस इन साइबर लॉ एंड इंफार्मेशन सिक्योरिटी कोर्स बनाया गया था। इस कोर्स को 2004 में शुरू किया गया था। इसको जस्टिस यतींद्र सिंह, पंकज मिश्र, शारिक रिजवी, प्रो. एचएन तिवारी ने डिजाइन किया था। इसमें प्रवेश के लिए एलएलबी योग्यता थी।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (टि्रपलआईटी) में मास्टर ऑफ साइंस इन साइबर लॉ एंड इंफार्मेशन सिक्योरिटी कोर्स फिर से शुरू हो सकता है। इस कोर्स को शुरू करने के लिए पुरा छात्रों ने निदेशक से मांग की है। इस कोर्स को एक दशक पहले बंद कर दिया गया था। निदेशक ने भरोसा दिया कि फिर से इस कोर्स को शुरू किया जाएगा। ट्रिपल में बीटेक और एमटेक छह कोर्स संचालित हैं।
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एमबीए और पीएचडी कोर्स भी संचालित हैं। इसके अलावा तकनीक और कानून की पढ़ाई को जोड़कर मास्टर ऑफ साइंस इन साइबर लॉ एंड इंफार्मेशन सिक्योरिटी कोर्स बनाया गया था। इस कोर्स को 2004 में शुरू किया गया था। इसको जस्टिस यतींद्र सिंह, पंकज मिश्र, शारिक रिजवी, प्रो. एचएन तिवारी ने डिजाइन किया था। इसमें प्रवेश के लिए एलएलबी योग्यता थी।
शुरुआत में इसकी 30 सीटें थी और डिप्लोमा कोर्स था। डिमांड अधिक होने के कारण सीटें बढ़ाकर 60 कर दी गई थी और इसको डिग्री कोर्स बना दिया गया। इसमें प्रवेश के लिए मारामारी होती थी। परीक्षा के जरिए प्रवेश मिलता था। कुछ वर्ष चलने के बाद कहा जाने लगा कि यह आईटी इंस्टीट्यूट है और यहां पर लाॅ की पढ़ाई नहीं होनी चाहिए। कुछ प्रोफेसरों ने संस्थान में लाॅ की पढ़ाई का विरोध किया। इसलिए 2014 से इस कोर्स को बंद कर दिया गया।
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यह कोर्स करने वाले अधिकतर छात्रों को मिली है नौकरी
पिछले हफ्ते संस्थान में पुरा छात्र सम्मेलन हुआ। उसमें इस कोर्स के कई पुरा छात्र आए। अब वह अच्छे पैकेज पर देश के अलग- अलग सेक्टर में नाैकरी कर रहे हैं। पुरा छात्र मानस अग्रवाल, पंकज कुमार, नागेंद्र शर्मा आदि ने निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावाने से इस कोर्स को शुरू करने की मांग की। बताया कि इस कोर्स को करने वाले अधिकतर छात्रों को जाॅब मिली है। खासकर बैंक और इंफार्मेशन सिक्योरिटी से जुड़े विभागों और निजी कंपनियों में छात्र काम कर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि इस कोर्स को शुरू करने में जो भी सहयोग चाहिए, वह हम करने को तैयार हैं। इस पर निदेशक ने आश्वस्त किया कि फिर से कोर्स की शुरुआत कराई जाएगी।