Prayagraj News : सांसद अतुल राय। फाइल फोटो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घोसी से बसपा सांसद बाहुबली गैंगस्टर अतुल राय को दुष्कर्म व धोखाधड़ी के आरोप में वाराणसी के लंका थाने में दर्ज आपराधिक केस में जमानत पर रिहा करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, जब भी जमानत मिली, कई बार छूटने के बाद गंभीर अपराधों में लिप्त पाए गए। यह गैंगस्टर एक्ट की धारा 19(4) की शर्तों का उल्लंघन है।
कोर्ट ने कहा अपराधों की लिस्ट है। यदि ऐसे अपराधी को गैंगस्टर नहीं मानेंगे तो किसे मानेंगे। सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी छूटने पर गवाहों को धमका सकता है। कोर्ट ने 2 नवंबर 21 से जेल में बंद अतुल राय की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति डी के सिंह ने दिया है। राजनीति में आने वाले अपराधी गणतंत्र के लिए गंभीर खतरा
राय के खिलाफ लंका थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज है। 24 केसों का इतिहास है। जिसमें से 12 अभी भी लंबित है। कुछ में बरी हो चुका है। कोर्ट ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अपराधी राजनीति में आकर कानून बनाने वाले बन रहे हैं, जो न केवल चुनावी राजनीति को दूषित कर रहे अपितु ये गणतंत्र के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।
याची के खिलाफ दो आपराधिक केसों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट लगा है। उसका कहना है कि उसमें से एक में बरी हो चुका है। सरकार ने अपील दाखिल की है। दूसरे केस की कार्यवाही पर कोर्ट से रोक लगी है। वह बाहुबली या गैंगस्टर नहीं है। वह राजनेता हैं। उसे फंसाया गया है। किंतु कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया है।