पीसीएस परीक्षा के पेपर लीक मामले में आंदोलित छात्रों के समर्थन में मंगलवार को भाजपा सड़क पर उतर आई। महानगर इकाई और युवा मोर्चा ने संयुक्त रूप से पार्टी दफ्तर से लोक सेवा आयोग चौराहे तक जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। आयोग के मुख्य गेट पर ताला बंद करने के बाद पुलिस ने लाठियां भी भांजी। महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की हुई। भाजपा ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर दूसरी पॉली की परीक्षा को भी निरस्त करने, आयोग अध्यक्ष को बर्खास्त करने व उनके कार्यकाल में हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच कराने, 10 मई को घोषित परीक्षा की तिथि बदलने की मांग उठाई। पार्टी ने इस प्रदर्शन के जरिए नाराज छात्रों को मनाने की कोशिश की।
राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह ने एक दिन पहले ही जिला, महानगर और युवा मोर्चे के पदाधिकारियों को आंदोलित छात्रों के समर्थन में उतरने का निर्देश दिया था। इसी के बाद पार्टी के स्थानीय नेता खुलकर छात्रों के समर्थन में आ गए। लोक सेवा आयोग परीक्षाओं में धांधली के मुद्दे को लेकर भाजपा आगे बढ़ना चाहती है। शुरुआती दौर में खामोश रही पार्टी इसके जरिए सपा पर राजनीतिक दबाव बनाकर युवाओं के बीच बढ़त हासिल करना चाहती है। पार्टी दफ्तर पर जुटे कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रदेश सरकार और आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
गेट बंद करने के दौरान काशी प्रांत उपाध्यक्ष डॉ श्याम प्रकाश द्विवेदी पर पुलिस ने लाठियां भांजी। इससे उन्हें चोटें भी आई हैं। महानगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय और युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष नरसिंह ने दावा किया कि ताला बंद करने के बाद पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने लाठी और डंडे लगाकर धक्का दिया। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। एडीएम सिटी को सौंपे ज्ञापन में चेताया कि आयोग अध्यक्ष को न हटाने पर पूरे शहर में आंदोलन चलाया जाएगा। प्रदर्शन में काशी प्रांत महामंत्री प्रभाशंकर पांडे, देवेंद्रनाथ मिश्र, कमलेश कुमार, मनीष देव पांडे, पिंटू, मनु सिंह, अमित मालवीय, शानू भट्ट, अवधेश गुप्ता, रमेश ओझा, उमा बघेल, तहसीन अहमद, नन्हू पडिंति, रोहित पांडे, दीपक द्विवेदी, दिलीप केसरवानी, शशांक शेखर पांडे आदि शामिल रहे।