रविवार सुबह स्थानीय कस्बे के पलएं मोहल्ला में कच्चा मकान जमींदोज हो गया। मलबे की जद में आने से मां- बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो की हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजा है। वहीं लोगों ने पीड़ित परिवार को आवास और आर्थिक सहायता देने की मांग किया है।
नवाबगंज इलाके के पलएं कृष्णा नगर निवासी राम सजीवन का कई बरस पहले देहांत हो चुका है। विधवा गुलाब कली 55, बेटी रूबी 19, रूपा 15 और बेटा चंद्रशेखर 22 के साथ कच्चे मकान में रहती थी। बताया जाता है कि भारी बारिश के चलते रविवार तड़के कच्चा मकान भरभरा कर धराशाई हो गया। मलबे में दबने से गुलाब कली तथा बेटी रूबी की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने जैसे, तैसे गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर और रूपा को बाहर निकाल अस्पताल भिजवाया। हादसे से मोहल्ले में सनसनी मची रही। चौकी प्रभारी चंद्रभूषण मौर्य ने पहुंचकर शव को पीएम के लिए रवाना किया। उधर ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आवास तथा मुआवजा देने की मांग जिलाधिकारी से उठाई है।
पीएम आवास योजना का नहीं मिला था लाभ
पलएं निवासी राम सजीवन की मृत विधवा गुलाब कली को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला था। इससे वह कच्चे मकान में गुजारा करती थी। समाजसेवी शारदा पटेल का कहना है कि हुक्मरानों की बेरूखी से दलित परिवार काल के गाल में समा गया। हादसे से लोगों में नाराजगी रही।
मंगलवार को तय था रूबी का गौना
हादसे में जान गंवाने वाली रूबी का मंगलवार को गौना की रस्म पूरी होनी थी। जिसकी तैयारियां घर में जोर, शोर से चल रही थी। दुखद घटना ने एक झटके में सारी खुशियां काफूर कर दिया।