डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि चार नवंबर को सुबह नौ से 12:30 बजे तक कार्यशाला होगी। इसमें ब्रोंकोस्कोपी और इंटरवेंशन पर अलग-अलग जिलों व राज्यों से आए वरिष्ठ चिकित्सक शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। टीबी के आगे बेअसर हुईं दवाओं पर भी चर्चा होगी। दोपहर दो से शाम छह बजे तक एलर्जी और इम्यूनोथेरेपी और एडवांस पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट पर विचारों का आदान प्रदान होगा।
दूसरे दिन की कार्यशाला में सुबह नौ से 10 बजे तक चलने वाले पहले सत्र में टीबी से बचाव पर वरिष्ठ चिकित्सक चर्चा करेंगे। दूसरा सत्र 10 से 11 बजे तक चलेगा। इसमें न्यू इन्साइट्स नेबुलाइजेशन थेरेपी पर पैनल डिस्कशन होगा। 11 से 12 बजे तक तीसरे सत्र में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी पर चर्चा होगी। 12 से एक बजे तक 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के संबंध में डॉ. राजेंद्र प्रसाद विचार व्यक्त करेंगे।