अब तक 600 को दी गई छुट्टी
चुनावी ड्यूटी से अभी तक 600 कर्मचारियोें के नाम काटे गए हैं। सीडीओ का कहना है कि मेडिकल टीम से जांच कराने के बाद बीमार कर्मचारियों की ड्यूटी काटी गई है। इनके अलावा दिव्यांग, गर्भवती महिला कर्मचारियों को भी चुनावी ड्यूटी से छुट्टी दी गई है।
चिंतित प्रशासन ने कर्मचारियों का ही लिया सहारा
चुनावी ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने से प्रशासन की भी चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन ने इनके खिलाफ कार्रवाई की तो तैयारी की ही है, ड्यूटी के लिए प्रेरित करने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए ड्यूटी में शामिल कर्मचारियों की ही मदद ली जा रही है। चुनिंदा लोग अपना अनुभव साझा करते हुए अन्य कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इसी क्रम में प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन कृष्ण कुमार यादव, लता, सुमन सिह, जया कुशवाहा, अरविंद सिंह, रमेश चंद्र शुक्ल आदि ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस पर्व में उनके परिवार के लोग भी मदद कर रहे हैं। महिला कर्मचारियों का कहना था कि उनके परिवार वाले भी साथ में मतदान स्थल तक जाएंगे।
मतदान कर्मी नहीं बता पाए कैसे सील होगा ईवीएम
मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को गंभीरता से न लेने की वजह से भी प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। डीएम संजय कुमार खत्री ने बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के निरीक्षण के दौरान यह लापरवाही पकड़ी।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मचारियों से डीएम ने मतदान की प्रक्रिया के बारे में पूछा लेकिन उनमें से कई को इसकी जानकारी नहीं थी। कई कर्मचारी तो यह भी नहीं बता पाए कि ईवीएम कैसे सील की जाएगी। जबकि, कर्मचारी पहले चरण का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इससे नाराज डीएम ने कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने मास्टर ट्रेनर तथा कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षण दिए जाने का भी निर्देश दिया।
इसी क्रम में डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने सहायक पंचायत अधिकारी धर्मेंद्र कुमार दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बिशप जॉनसन एवं मेरी लूकस गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले दिन बृहस्पतिवार को कुल 4800 कर्मचारियों को बुलाया गया था। इनमें से 136 कर्मचारी अनुपस्थित रहे।