इलाहाबाद। जिले में 40 हजार से ज्यादा रसोई गैस उपभोक्ताओं के सामने गैस सब्सिडी का संकट खड़ा हो गया। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश कि अगर गैस सब्सिडी चाहिए तो उपभोक्ता अपने आधार नंबर को बैंक एकाउंट नंबर से लिंक कराना होगा। यह आदेश आए हुए कई माह गुजर चुके हैं बावजूद इसके अब भी इलाहाबाद में 40 हजार से ज्यादा ऐसे रसोई गैस उपभोक्ता हैं जिन्होंने अपने आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है। 30 सितंबर के बाद ऐसे लोगों को गैस सब्सिडी मिलनी बंद हो जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा किए गए निर्देश में कहा गया था कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फार एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के तहत जिन लोगों ने रसोई गैस में सब्सिडी पाने के लिए अपने आधार नंबर लिंक नहीं कराये है वे अपने बैंक एकाउंट से आधार कार्ड को लिंक करवा ले। कहा गया है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है वे 30 सितंबर तक कार्ड बनवाकर उसे बैंक एकाउंट से लिंक करवा ले। कई माह गुजर जाने के बावजूद जिले में अब भी हजारों की संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने आधार नंबर को बैंक एकाउंट नंबर से लिंक नहीं कराया है। इस तरह के उपभोक्ताओं की संख्या 40 हजार से ज्यादा है। ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के सचिव केपी मिश्र के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश से स्पष्ट है कि अब बिना आधार लिंक के गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। बैंक खाते से आधार नंबर लिंक कराने की अंतिम तिथि 30 सितंबर मुकर्रर की गई है। इस लिए तय तिथि से पहले लोग आधार नंबर को लिंक करा लें, नहीं तो उन्हें गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी।
इलाहाबाद में है 6.43 लाख उपभोक्ता
इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद में रसोई गैस उपभोक्ताओं की संख्या 6.43 लाख से ज्यादा है। इसमें सर्वाधिक उपभोक्ता आईओसी के तकरीबन पांच लाख के आसपास है। शेष उपभोक्ता बीपीसी और एचपीसी के हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अपने आधार नंबर लिंक नहीं कराए हैं उसमें अधिकांश आईओसी के ही उपभोक्ता है। उनकी संख्या तकरीबन 35 हजार से आसपास है।