चंद्रलोक चौराहे से लेकर ईदगाह मैदान से गुजरी सड़क पर भी 100 से अधिक गड्ढे
हादसों को न्योता दे रहे हैं। इसी तरह कीडगंजगंज पुलिस चौकी से लेकर बाईका बाग चौराहे तक की सड़क की स्थिति और भी खराब है। इसी इलाके के नेता नगर, बाई का बाग और साउथ मलाका में शहर की प्रसिद्ध दुर्गा पूजाओं के पंडाल भी सज रहे हैं। ऐसे में त्योहारों से पहले सड़कों के गड्ढे दुखदायी बन गए हैं। राजर्षि मंडपम सभागार से रामबाग चौराहा होते हुए हनुमान मंदिर के पीछे वाली सड़क के चौराहे तक 60 से अधिक बड़े गड्ढों में लोग हर रोज गिर रहे हैं। लेकर जीवन ज्योति अस्पताल की तरफ जाने वाली सड़क की बदहाली भी किसी से छिपी नहीं है। कोठापार्चा डॉट पुल से रामभवन चौराहे तक जगह-जगह गड्डों में स्कूल से लेकर अस्पताल तक जाने वाले मरीजों, छात्र-छात्राओं को गिर कर घायल होते देखा जा सकता है।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत होगी और गड्डे जल्द ही भर दिए जाएंगे। इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा गया है। शहर में लोगों को जल्द ही बदलाव नजर आएगा। - नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री।
आर्य कन्या डिग्री कॉलेज के अलावा आर्य कन्या इंटर कॉलेज समेत कई विद्यालय और अस्पताल इस इलाके में हैं। व्यापारियों, मरीजों, छात्राओं की इस क्षेत्र में सबसे अधिक आवाजाही रहती है। इसके बाद भी सड़कों की इस तरह बदहाली बहुत ही निराशाजनक है। - जयशरण गुप्ता - राम भवन।
पुराने शहर का इसे सबसे व्यस्ततम इलाका कहा जा सकता है। थोक और खुदरा कारोबारियों के अलावा स्कूलों, अस्पतालों के अलावा डाइग्नोस्टिक सेंटर होने की वजह से सड़कों पर भीड़ रहती है। इसके बाद भी इस सड़क की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसके लिए कई बार पार्षद के अलावा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कहा गया, लेकिन कुछ नहीं हो सका। - अनीता गुप्ता -रामबाग
कोठापार्चा की टूटी सड़कें त्योहारों से पहले हर किसी को मुंह चिढ़ा रही हैं। इन टूटी सड़कों पर लोग ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। - मुन्ना भाई-कोठापार्चा।