लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके श्रीवास्तव ने बताया कि एमएनएनआईटी की रिपोर्ट आने के बाद भवन के पिलर और खंभों की मरम्मत के लिए बीएचयू आईटी के विशेषज्ञों से संपर्क किया गया। क्योंकि, पिलर और मरम्मत का कार्य बहुत ही विशेष है। विशेष तकनीकी टीम ही इसकी मरम्मत कर सकती है। आईटी बीएचयू टीम ने भवन का निरीक्षण भी कर लिया है। बीएचयू टीम की रिपोर्ट आने के बाद शासन को महाधिवक्ता भवन के तीन तलों (सातवें से नौवें) की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। अब वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे का काम किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि छठे तल की मरम्मत 55 लाख रुपये के बजट (पहले से आवंटित दो करोड़, 18 लाख रुपये पहले से आवंटित बजट से) से करा दी गई है। वहां कामकाज शुरू कर दिया गया है। केवल तीन तल पर काम कराना है।