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MNNIT Student Death : मजदूरी कर बेटे को कराया बीटेक, सफलता मिलते ही बुझ गया घर का चिराग

Sat, 26 Oct 2024 05:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शुक्रवार को पोस्टमार्टम के समय पिता अशोक अपने बड़े बेटे और कुछ रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उनके दोनों तरफ कुर्सी पर बैठे रिश्तेदार भी अवाक थे। उन्होंने कहा कि परिवार से दूर रहकर वह मेहनत मजदूरी कर बेटे को पढ़ाया। बेटे ने भी खूब मेहनत की।
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विकास। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के छात्र विकास कुमार का बीटेक फाइनल था। उसका नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर 28 लाख के पैकेज पर कैंपस सेलेक्शन हुआ था। जनवरी में ज्वाइनिंग होनी थी।

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शुक्रवार को पोस्टमार्टम के समय पिता अशोक अपने बड़े बेटे और कुछ रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उनके दोनों तरफ कुर्सी पर बैठे रिश्तेदार भी अवाक थे। उन्होंने कहा कि परिवार से दूर रहकर वह मेहनत मजदूरी कर बेटे को पढ़ाया। बेटे ने भी खूब मेहनत की। वह पढ़ने में बहुत अच्छा था। उन्हें विश्वास था कि वह कुछ बड़ा करेगा और उनके घर की परिस्थिति बदल जाएगी। लेकिन, यह कहते हुए विकास के पिता का गला भर आया। वह कुछ नहीं बोल पाए।

21 अक्तूबर को घर से आया था

पिता ने बताया कि बेटे को 28 लाख रुपये का पैकेज मिला था। परिवार में खुशी का माहौल था। जनवरी में ज्वाइनिंग थी। गांव व रिश्तेदार के लोग बधाई दे रहे थे। 21 अक्तूबर को वह घर से परीक्षा देने की बात कहकर यहां आया था। कहा था, 27 अक्तूबर को फिर घर लौट आएगा।
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डाक विभाग में लगी थी नौकरी

पिता ने बताया कि बीटेक प्रवेश परीक्षा की तैयारी के समय वह डाक विभाग में नौकरी के लिए परीक्षा दी थी। वहां पर उसका चयन हो गया। करीब 15 दिन वहां ड्यूटी भी की थी। इस बीच उसका दाखिला एमएनएनआईटी में हो गया। उसके बाद वह नौकरी को छोड़कर कर यहां पढ़ने के लिए आ गया।

जहर से हुई थी एमएनएनआई के बीटेक छात्र की मौत

मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के हॉस्टल में बृहस्पतिवार को संदिग्ध अवस्था में मृत मिले बीटेक छात्र की मौत जहर से हुई थी। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। छात्र के शरीर में जहर कैसे पहुंचा? उसने खुद खाया या किसी ने दिया, यह स्पष्ट नहीं है। परिवार वालों ने किसी के ऊपर कोई आरोप नहीं लगाया है।

हाथरस के पिपरी गांव निवासी अशोक कुमार हरियाणा के फरीदाबाद में मजदूरी करके अपने परिवार की देखभाल करते हैं। विकास (23) उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर का था। पिता ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे हॉस्टल के अधिकारी ने उनके पास फोन कर घटना की जानकारी देते हुए उन्हें कॉलेज आने के लिए कहा।
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यहां आने पर उनका बेटा मृत अवस्था में मिला। शुक्रवार को हुए पोस्टमार्टम में मौत की वजह जहर बताई गई। जहर की वजह से छात्र का पेट काला पड़ गया था। उसके शरीर में जहर कैसे पहुंचा, इसका पता लगाने के लिए डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए भेज दिया है।

छात्र के पिता ने बताया कि पढ़ाई करते समय उनके बेटे के शरीर में कभी-कभी कंपन और सिर में तेज पीड़ा हाेने लगती थी। बेटे की जांच भी कराई थी। लेकिन, सब सामान्य था। जांच कराने पर सब सामान्य निकला था। शिवकुटी इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनके पास अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट देखने के बाद मामले की जांच की जाएगी।

दोस्तों के साथ वाराणसी से लौटा था

पिता ने बताया कि मंगलवार को विकास अपने दोस्तों के साथ वाराणसी घूमने के लिए गया था। वहां से भोर करीब तीन बजे हॉस्टल आया था। पैसे खत्म होने की बात बताई थी। बुधवार सुबह उसके खाते में वह 2500 रुपये भेजे थे।
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