मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में बीते दिनों भारतीय एवं अफगानी छात्रों के आपसी टकराव के मामले में संस्थान में निदेशक एवं प्रॉक्टोरियल बोर्ड आमने-सामने आ गए हैं। संस्थान के प्रॉक्टर प्रो.आरपी त्रिपाठी ने निदेशक पर उनकी रिपोर्ट में बदलाव कर भारतीय छात्रों को दोषी बनाए जाने का दबाव डालने सहित अपने साथ बदसलूकी का आरोप लगाया है। प्रॉक्टर ने इस बात की शिकायत संस्थान के बोर्ड गवर्नर्स के चेयरमैन से करने की बात कही है तो निदेशक ने प्रॉक्टर पर पूरे मामले को लेकर लापरवाही बरतने और रिपोर्ट में देरी का आरोप लगाया है। निदेशक का कहना है कि प्रॉक्टर ने अपनी पूरी टीम के साथ उनके कक्ष में आकर बदसलूकी की। इसके बाद उन्होंने प्रॉकटर को अपने कक्ष से चले जाने को कहा।
पूरे मामले की जांच कर रहे प्रॉक्टर प्रो.आरपी त्रिपाठी का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाने के बाद रिपोर्ट तैयार करके जब निदेशक को सौंपने गए तो उन्होंने भारतीय छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट देने का दबाव डाला। उनके मुताबिक निदेशक ने कहा कि भारतीय छात्रों ने बदसलूकी की है तो उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। निदेशक ने घटना में किसी छात्रा के साथ छेड़खानी से मना किया है। ऐसे में जब रिपोर्ट बदलने से मना किया तो निदेशक ने अपने कक्ष से बाहर चले जाने का फरमान जारी कर दिया। फिर बाकी प्रॉक्टोरियल बोर्ड से नई रिपोर्ट तैयार करवा ली। नई रिपोर्ट पर मेरे हस्ताक्षर नहीं है। इसके लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं निदेशक के मुताबिक दोनों पक्षों को माफ कर दिया गया है। घटना को लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने लापरवाही की है। यदि प्रॉक्टर बीओजी से शिकायत करना चाहते हैं तो वह स्वतंत्र हैं।