पांच रोज पहले अपने ही चैंबर में शूटर की गोलियों का शिकार हुए जीवन ज्योति हॉस्पिटल ग्रुप के निदेशक डॉ.एके बंसल की बढ़ती महत्वाकांक्षाएं धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। इधर कुछ बरसों से चिकित्सीय पेशे से ज्यादा प्रापर्टी कारोबार में ध्यान दे रहे डॉ.बंसल की राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी हिलोरें ले रही थी। करीबी लोगों से बातचीत में मालूम हुआ कि वह राज्यसभा सदस्य या एमएलसी बनने का ख्वाब देख रहे थे। इसके खातिर वह राजनीतिक पार्टियों के संपर्क में थे और खासतौर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का मौका तलाशते रहते थे। इस ख्वाहिश को पूरी करने के लिए वह पानी की तरह पैसा बहा रहे थे। मुख्यमंत्री समेत सपा नेताओं की सभाओं तथा रैलियों में वह बड़े स्तर पर संसाधन मुहैया कराते थे।
अपने पेशे में नाम और दौलत कमाने के बाद पिछले कुछ सालों से डॉ.एके बंसल रीयल एस्टेट समेत दूसरे कारोबार में ज्यादा ध्यान देने लगे थे। इलाहाबाद से लेकर वाराणसी, लखनऊ, सीतापुर, नोएडा तक उन्होंने प्रापर्टी में करोड़ों रुपये लगा दिए थे। इस धंधे में नफा-नुकसान के बीच वह राजनीतिक में भी हाथ आजमाना चाहते थे। इसी वजह से वह भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य और सपा नेता रेवती रमण सिंह समेत कुछ और नेताओं के करीब आते गए थे। डॉ.बंसल के साथ रहने वाले एक बेहद करीबी शख्स ने बताया कि वह समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद या फिर एमएलसी बनने की चाहत रखते थे।
पिछले साल एमएलसी चुनाव से पहले वह इस कोशिश में लगे थे कि उन्हें सपा से उम्मीदवार बनाया जाए। वह जानते थे कि एमएलसी की उम्मीदवारी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव या मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही दिला सकते हैं। इसी वजह से इलाहाबाद समेत आसपास के जनपद में मुलायम और अखिलेश की सभाओं की तैयारी में हर संभव सहायता उपलब्ध कराते थे। औद्योगिक क्षेत्र के सड़वां और नैनी के दांदूपुर गांव में मुख्यमंत्री की सभाओं में डॉ.बंसल ने तमाम निजी गाड़ियों के अलावा अपने नर्सिंग कॉलेज की बसों और कई एंबुलेंस को लगाया था। कई सभाओं में वह रेवती रमण के जरिए मुख्यमंत्री से मिलकर बात करने में कामयाब हुए थे, हालांकि उनका एमएलसी बनने का सपना अधूरा रह गया।