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गठबंधन हुआ तो शहर उत्तरी, कोरांव पर कांग्रेस का दावा

Tue, 17 Jan 2017 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कांग्रेस - फोटो : file photo
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समाजवादी पार्टी (सपा) में चुनाव चिह्न का विवाद दूर होते ही कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन की चर्चा ने फिर जोर पकड़ लिया है। चर्चा तो यहां तक है कि मंगलवार को इसकी औपचारिक रूप से घोषणा हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो इलाहाबाद में कांग्रेस का शहर उत्तरी और कोरांव सीट पर दावा होगा। साथ ही शहर पश्चिमी के लिए भी कांग्रेस दावेदारी कर सकती है।
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कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने यूपी में 92 सीटों की लिस्ट सपा को सौंप दी है। पार्टी हर संसदीय क्षेत्र से एक विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारना चाह रही है और कहीं-कहीं एक से अधिक सीटों पर कांग्रेस दावा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इलाहाबाद में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है। फूलपुर संसदीय क्षेत्र के तहत शहर उत्तरी पर दावा कर रही है, क्योंकि इस सीट से मौजूदा विधायक कांग्रेस के हैं। वहीं, इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र के तहत कोरांव विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस ने दावेदारी की है। इस क्षेत्र से कांग्रेस ने सीपीएम से दो बार विधायक रह चुके रामकृपाल को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रखी है। अगर इन दोनों सीटों पर सपा कांग्रेस को वॉकओवर देती है तो कांग्रेस काफी मजबूत स्थिति में होगी।

इसके अलावा तीसरी सीट शहर पश्चिमी को लेकर भी कांग्रेस ने दावेदारी की है लेकिन इस पर उहापोह की स्थिति है। सपा के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के लिए यह सीट छोड़ी जा सकती है, क्योंकि अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि जहां से सपा के सिटिंग विधायक हैं वहां सपा के प्रत्याशी ही चुनाव लड़ेंगे। जो सीट सपा की नहीं है, उसी पर समझौता किया जाएगा। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय का कहना है कि गठबंधन की अभी चर्चा ही है। अगर गठबंधन होता है तो भाजपा की स्थिति यूपी में बिहार से ज्यादा खराब होगी।
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साइकिल चुनाव चिह्न अखिलेश यादव को मिलने के बाद कानपुर कैंट से चुनाव लड़ने की तैयारी में बैठे पूर्व सांसद अतीक अहमद के लिए सपा के दरवाजे बंद हो सकते हैं। अखिलेश यादव की ओर से जारी सूची में अतीक अहमद का नाम नहीं था। ऐसे में बदली परिस्थितियों में अतीक अहमद का टिकट कट सकता है। चर्चा है कि ऐसा होता है तो अतीक अहमद कानपुर कैंट से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।

कांग्रेस-सपा के बीच गठबंधन होता है तो प्रियंका गांधी और डिंपल यादव चुनाव प्रचार के दौरान मंच पर साथ नजर आ सकती हैं। कांग्रेस और सपा के सूत्रों के मुताबिक चुनाव में समय बहुत कम बचा है। प्रचार के लिए हर जगह राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव का पहुंच पाना संभव नहीं है। ऐसे में प्रियंका गांधी और डिंपल यादव एक साथ चुनाव प्रचार की कमान संभाल सकती है। इलाहाबाद में भी चुनाव प्रचार के दौरान यह जोड़ी नजर आ सकती है।
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